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एंटी डंपिंग ड्यूटी को कितना समझते हैं आप? भारत ने 5 चीनी आयातों पर लगाया है ये शुल्क

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Mar 24, 2025 08:20 am IST,  Updated : Mar 24, 2025 08:22 am IST

एंटी-डंपिंग जांच विभिन्न देशों द्वारा यह पता लगाने के लिए की जाती है कि सस्ते आयात में वृद्धि के कारण घरेलू उद्योगों को नुकसान तो नहीं पहुंचा है।

एंटी डंपिंग ड्यूटी का मकसद घरेलू उत्पादकों के लिए समान अवसर बनाना है।- India TV Hindi
एंटी डंपिंग ड्यूटी का मकसद घरेलू उत्पादकों के लिए समान अवसर बनाना है। Image Source : FREEPIK

भारत ने एल्युमीनियम फॉयल सहित पांच चीनी वस्तुओं पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाया है। यह पहल घरेलू उद्योगों को चीन से सस्ते आयात के निगेटिव असर से बचाने के लिए की गई है। वाणिज्य मंत्रालय की जांच शाखा डीजीटीआर (व्यापार उपचार महानिदेशालय) की सिफारिश के आधार पर व्यापार कार्रवाई की गई है। आखिर क्या है ये एंटी डंपिंग ड्यूटी या डंपिंग रोधी शुल्क? कभी आपने गौर किया है? दरअसल, एंटी-डंपिंग ड्यूटी आयातित वस्तुओं पर लगाए जाने वाले टैक्स हैं, जो उनके निर्यात मूल्य और उनके सामान्य मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई के लिए लगाए जाते हैं, अगर डंपिंग के कारण आयात करने वाले देश में प्रतिस्पर्धी उत्पादों के उत्पादकों को नुकसान होता है।

क्या है एंटी डंपिंग ड्यूटी

जहां कोई वस्तु किसी निर्यातक या उत्पादक द्वारा किसी देश या क्षेत्र से भारत को उसके सामान्य मूल्य से कम मूल्य पर निर्यात की जाती है, तो भारत में ऐसे सामान के आयात पर, केंद्र सरकार, आधिकारिक राजपत्र में नोटिफिकेशन द्वारा, ऐसे सामान के संबंध में एंटी डंपिंग ड्यूटी लगा सकती है। इसे ऐसे समझें कि एंटी-डंपिंग जांच विभिन्न देशों द्वारा यह पता लगाने के लिए की जाती है कि सस्ते आयात में वृद्धि के कारण घरेलू उद्योगों को नुकसान तो नहीं पहुंचा है। इस शुल्क का मकसद निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को सुनिश्चित करना और विदेशी उत्पादकों और निर्यातकों के मुकाबले घरेलू उत्पादकों के लिए समान अवसर बनाना है।

इन 5 चीनी सामानों पर भारत ने लगाया है एंटी डंपिंग ड्यूटी

  • एल्युमीनियम फॉयल पर छह महीने के लिए 873 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक का अनंतिम एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाया गया।
  • वॉटर ट्रीटमेंट में प्रयोग होने होने वाले ट्राइक्लोरो आइसोसायन्यूरिक एसिड पर 276 अमेरिकी डॉलर प्रति टन से 986 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक शुल्क लगाया गया है।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जरों और दूरसंचार उपकरणों में उपयोग किया जाने वाले सॉफ्ट फेराइट कोर सीआईएफ (लागत, बीमा भाड़ा) मूल्य पर 35 प्रतिशत तक शुल्क लगाया गया
  • वैक्यूम इंसुलेटेड फ्लास्क पर 1,732 अमेरिकी डॉलर प्रति टन एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाया गया।
  • चीन, कोरिया गणराज्य, मलेशिया, नॉर्वे, ताइवान और थाईलैंड से पॉली विनाइल क्लोराइड पेस्ट रेजिन के आयात पर 89 से 707 अमेरिकी डॉलर प्रति टन का शुल्क लगाया गया है।
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