Saturday, February 07, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. हवाई किरायों पर एयरलाइंस की 'लूट' होगी बंद? सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार, सरकार को जारी किया नोटिस

हवाई किरायों पर एयरलाइंस की 'लूट' होगी बंद? सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार, सरकार को जारी किया नोटिस

अगर आप भी अचानक बढ़ते फ्लाइट किरायों, चेक-इन बैगेज के नाम पर वसूले जा रहे एक्स्ट्रा पैसों और एयरलाइंस की मनमानी से परेशान हैं, तो आपके लिए राहत की उम्मीद जग गई है। सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट एयरलाइंस द्वारा मनचाहे चार्ज वसूलने के खिलाफ दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार, DGCA और AERA को नोटिस जारी किया है।

Edited By: Shivendra Singh
Published : Nov 18, 2025 08:54 am IST, Updated : Nov 18, 2025 08:54 am IST
टिकट प्राइस पर...- India TV Paisa
Photo:CANVA टिकट प्राइस पर एयरलाइंस की मनमानी पर लगेगी लगाम?

हवाई यात्रा के बढ़ते किरायों, मनमाने चार्जेज और बेपटरी हुई पारदर्शिता को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपना लिया है। वर्षों से यात्रियों की जेब पर बोझ बनती एयरलाइंस की मनमानी कीमतों के खिलाफ आखिरकार अदालत ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, DGCA और AERA को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है कि आखिर क्यों देश में हवाई किरायों को कंट्रोस करने के लिए स्पष्ट नियम और एक स्वतंत्र नियामक नहीं बनाया गया?

याचिका में उठे गंभीर सवाल

सोशल एक्टिविस्ट एस. लक्ष्मीनारायणन की ओर से दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्राइवेट एयरलाइंस बिना किसी पारदर्शिता के अचानक किराये बढ़ा देती हैं, एक्स्ट्रा चार्ज थोपती हैं, सर्विसेस कम कर देती हैं और शिकायत करने पर भी कोई सही समाधान नहीं मिलता। याचिका में कहा गया है कि एयरलाइंस की यह मनमानी आम लोगों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, जैसे सबके साथ समान व्यवहार, कहीं भी आने-जाने की आजादी और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार।

याचिकाकर्ता ने कहा कि जब हवाई यात्रा जैसी जरूरी सेवाओं में लगातार गड़बड़ियां हो रही हों, तो सरकार का काम है उन्हें रोकना। लेकिन फिलहाल सरकार कुछ नहीं कर रही है और सिर्फ देखती रह रही है। एयरलाइंस किराया तय करने के अपने सीक्रेट तरीकों, कैंसिलेशन नियमों, बैगेज लिमिट और शिकायतों के समाधान पर कोई सख्त नियम नहीं मानतीं, जिसकी वजह से यात्री परेशान होते हैं और उनका नुकसान बढ़ता जा रहा है।

‘जरूरत’ बनती हवाई यात्रा

याचिका में यह भी बताया गया है कि कई इलाकों में हवाई यात्रा अब सिर्फ लक्जरी नहीं, बल्कि सबसे तेज और व्यावहारिक तरीका बन चुकी है। ऐसे समय में एयरलाइंस डिमांड के नाम पर मिनटों में किराये दोगुना-तिगुना कर देती हैं। लक्ष्मीनारायणन ने दावा किया कि फ्री चेक-इन बैगेज 25 किलो से घटाकर 15 किलो कर दिया गया है, यानी लगभग 40% की कटौती। इससे यात्री एक्स्ट्रा शुल्क भरने पर मजबूर होते हैं, जो एयरलाइंस की कमाई का नया सोर्स बन चुका है।

19 दिसंबर को अगली सुनवाई

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को निर्धारित की है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से साफ-साफ पूछा है कि क्या हवाई टिकटों की कीमतों को काबू में रखने के लिए कोई स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे और क्या इसके लिए एक अलग, स्वतंत्र रेगुलेटर की जरूरत है या नहीं।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement