यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) का नए साल की शुरुआत में आवासीय भूखंड योजना लाने के मसूंबे पर फिलहाल पानी फिरता मालूम पड़ रहा है। jagran की खबर के मुताबिक, जनवरी का पहला सप्ताह बीतने को है, लेकिन योजना अभी तक रेरा (रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण) में रजिस्ट्रेशन के स्तर पर ही अटकी हुई है। YEIDA कुल 973 आवासीय भूखंडों की योजना लॉन्च करने की तैयारी में है।
खबर के मुताबिक, दरअसल, जिन भूखंडों पर यह योजना प्रस्तावित है, वह जमीन किसानों से खरीदी जा चुकी है, लेकिन अब तक यीडा के नाम पर राजस्व अभिलेखों में रजिस्टर ही नहीं हो पाई है। रेरा ने योजना के रजिस्ट्रेशन से पहले जमीन यीडा के नाम दर्ज होने से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। इसी आपत्ति के चलते योजना को मंजूरी नहीं मिल सकी है।
कुल 973 आवासीय भूखंडों की योजना
अथॉरिटी ने बीते दिसंबर में कुल 973 आवासीय भूखंडों की योजना लॉन्च करने का फैसला किया था। इनमें से 755 भूखंड सामान्य कैटेगरी के लिए, जबकि शेष भूखंड रिजर्व कैटेगरी- जैसे किसान कोटा और पहले से क्रियाशील औद्योगिक भूखंडों के आवंटियों के लिए तय किए गए थे। सभी भूखंडों का आवंटन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना था।
यहां बता दें, किसी भी आवासीय योजना को लॉन्च करने से पहले उसका रेरा में रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) जरूरी है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इसके लिए आवेदन किया था, लेकिन जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज पूरे न होने के कारण रेरा ने आपत्ति दर्ज कर दी।
आपत्तियों का हल करने में जुटा अथॉरिटी
खबर के मुताबिक, अथॉरिटी के अधिकारी और कर्मचारी रेरा की आपत्तियों का हल जल्द करने में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होगी, योजना को तुरंत लॉन्च कर दिया जाएगा।
इन सेक्टरों में प्रस्तावित हैं भूखंड
यह आवासीय भूखंड योजना सेक्टर-15सी, 18 और 24ए में प्रस्तावित है। योजना में विभिन्न आकार के भूखंड शामिल हैं:
- 162 वर्गमीटर के 476 भूखंड
- 183 वर्गमीटर के 4 भूखंड
- 184 वर्गमीटर के 4 भूखंड
- 200 वर्गमीटर के 481 भूखंड
- 223 वर्गमीटर के 6 भूखंड
- 290 वर्गमीटर के 2 भूखंड
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को उम्मीद है कि रेरा से मंजूरी मिलते ही बहुप्रतीक्षित आवासीय भूखंड योजना जल्द ही आम जनता के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।






































