भारत की सबसे बड़ी आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart Solutions का 7278 करोड़ रुपये का IPO गुरुवार को खुला। पहले ही दिन इस इश्यू को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और दोपहर तक ही पूरा IPO भर गया, यानी लोगों ने बड़ी संख्या में इसके शेयर खरीदने के लिए बोली लगाई। मार्केट में इसको लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया।
Lenskart IPO को पहले दिन ही 1.13 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें रिटेल इन्वेस्टर्स ने सबसे ज्यादा उत्साह दिखाया। NSE के आंकड़ों के अनुसार, रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RII) कैटेगरी में 1.31 गुना तक बोली लगी। क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल बायर्स (QIBs) का हिस्सा भी 1.42 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने 41% हिस्सा खरीदा।
IPO का बैंड प्राइस
IPO की कीमत का बैंड 382 से 402 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इसमें 2150 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 5128 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है, जिसमें सॉफ्टबैंक, केदारा कैपिटल और टेमासेक जैसे बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
GMP
GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) की बात करें तो, मार्केट में फिलहाल 19 रुपये का प्रीमियम देखने को मिल रहा है। यानी लिस्टिंग के समय निवेशकों को लगभग 5% तक का संभावित फायदा मिल सकता है। हालांकि, एनालिस्ट्स का मानना है कि Lenskart की कहानी सिर्फ शॉर्ट-टर्म लिस्टिंग गेन की नहीं, बल्कि एक लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी है।
कंपनी का परफर्मेंस
कंपनी ने FY25 में 6653 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल से 23% ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट 296 करोड़ रुपये रहा, जो FY24 के नुकसान से मजबूत वापसी दर्शाता है। Lenskart अब 14 देशों में 2800 से ज्यादा स्टोर्स चला रही है, जिनमें से 2137 स्टोर्स भारत में हैं। कंपनी की खासियत यह है कि यह अपने ज्यादातर प्रोडक्ट्स खुद मैन्युफैक्चर करती है, जिससे लागत कम और क्वालिटी बेहतर रहती है। साथ ही, हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी आईवियर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तैयार की जा रही है।



































