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IPO बाजार के लिए शानदार साबित हो रहा यह साल, 2016 में 50 कंपनियों ने जुटाए 2.93 अरब डॉलर

 Written By: Manish Mishra
 Published : Oct 12, 2016 03:35 pm IST,  Updated : Oct 12, 2016 03:44 pm IST

अभी तक करीब 50 कंपनियों ने IPO के जरिए 2.93 अरब डॉलर जुटाए हैं। आने वाले महीनों में भी कई कंपनियां IPO लाने की तैयारी में हैंं।

IPO बाजार के लिए शानदार साबित हो रहा यह साल, इस साल अब तक 50 कंपनियों ने जुटाए 2.93 अरब डॉलर- India TV Hindi
IPO बाजार के लिए शानदार साबित हो रहा यह साल, इस साल अब तक 50 कंपनियों ने जुटाए 2.93 अरब डॉलर

नई दिल्ली। आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) बाजार के लिए साल 2016 काफी शानदार साबित होने वाला है। एक रिपोर्ट के अनुसार अभी तक करीब 50 कंपनियों ने IPO के जरिए 2.93 अरब डॉलर जुटाए हैं। आने वाले महीनों में भी कई कंपनियां IPO लाने की तैयारी में हैंं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2016 में 22 और कंपनियां IPO लाने की तैयारी कर रही हैं। इससे 2016 में IPO से जुटाई गई राशि का आंकड़ा अनुमानत: 5.8 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा, जो पिछले साल के 2.18 अरब डॉलर से दोगुना से अधिक है।

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छह साल के उच्‍चतम स्‍तर पर पहुंच सकता है भारतीय IPO बाजार

  • बेकर एंड मैकेंजी की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय IPO बाजार छह साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है।
  • इस साल आईपीओ से अभी तक जहां 2.93 अरब डाॅॅलर जुटाए जा चुके हैं वहीं 2.90 अरब डाॅॅलर और जुटााए जाने की उम्मीद है।
  • इसके अलावा 2017 मंे 16 कंपनियां घरेलू स्तर पर सूचीबद्ध होने को तैयार हैं और इनसे करीब 5.86 अरब डालर की राशि जुटेगी।
  • इनमंे वोडाफोन का बहुप्रतीक्षित तीन अरब डालर का आईपीओ है, जो कोल इंडिया के आईपीओ को पीछे छोड़कर देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है।

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सरकार की इज ऑफ डूइंग बिजनेस से मिली है IPO बाजार को मजबूती

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज ऑफ डूइंग बिजनेस अभियान से भारतीय IPO बाजार को मजबूती मिली है। इन प्रयासों में कर व्यवस्था को तर्कसंगत किया जाना भी शामिल है।

बेकर एंड मैकेंजी इंडिया प्रैक्टिस के प्रमुख अशोक लालवानी ने कहा,

GST से न केवल तात्कालिक लाभ के रूप में देश का कर आधार बढ़ेगा और घरेलू अप्रत्यक्ष करों की राजस्व उत्पादकता में इजाफा होगा, बल्कि इससे देश और दुनिया के लोगों में यह संदेश भी जाएगा कि भारत सरकार आर्थिक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे निवेश गंतव्य के रूप में भारत का आकर्षण बढ़ेगा।

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