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चीन को चावल निर्यात करने के लिए 19 मिलों का हुआ चुनाव, हरियाणा की सबसे ज्यादा मिलें

 Reported By: Manoj Kumar @kumarman145
 Published : Jul 29, 2018 04:33 pm IST,  Updated : Jul 29, 2018 04:33 pm IST

भारत से चीन को निर्यात किए जाने के लिए 19 चावल मिलों का चुनाव किया गया है। वाणिज्य मंत्रालय की संस्था एपीडा के मुताबिक जिन 19 मिलों का चुनाव हुआ है उनमें सबसे अधिक हरियाणा में 10, पंजाब में 4, तथा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मु-कश्मीर, तेलंगाना और महाराष्ट्र से 1-1 मिल शामिल हैं। चीन के कस्टम विभाग की तरफ से इन मिलों को मंजूरी दी गई है

Chinese authorities approved 19 rice mills in India for rice import - India TV Hindi
Chinese authorities approved 19 rice mills in India for rice import 

नई दिल्ली। भारत से चीन को निर्यात किए जाने के लिए 19 चावल मिलों का चुनाव किया गया है। वाणिज्य मंत्रालय की संस्था एपीडा के मुताबिक जिन 19 मिलों का चुनाव हुआ है उनमें सबसे अधिक हरियाणा में 10, पंजाब में 4, तथा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मु-कश्मीर, तेलंगाना और महाराष्ट्र से 1-1 मिल शामिल हैं। चीन के कस्टम विभाग (General Administration of Customs of People Republic of China) की तरफ से इन मिलों को मंजूरी दी गई है।

जिन 19 चावल मिलों को चावल निर्यात की मंजूरी मिली है उनमें अधिकतर मिलें देश की बड़ी चावल निर्यातक कंपनियों की हैं। इंडियागेट बासमति चावल तैयार करने वाली कंपनी केआरबीएल, दावत बासमती ब्रांड बेचने वाली एलटी फूड्स, कोहिनूर बासमती ब्रांड बेचने वाली कोहिनूर फूड्स, अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी विल्मर लिमिटेड, बेस्ट फूड नाम से चावल बेचने वाली कंपनी बेस्ट फूड लिमिटेड और अमीरा फूड्स जैसे बड़े चावल निर्यातकों की मिलों को यह मंजूरी मिली है।

चीन दुनियाभर में चावल का सबसे बड़ा उपभोक्ता और आयातक है, अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए चीन को सालभर में 50-60 लाख टन चावल का आयात करना पड़ता है और वह अपनी आयात की जरूरत दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों से पूरा करता है। दूसरी ओर भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है लेकिन भारत से सीधे तौर पर चीन को चावल निर्यात नहीं होता है, अब चीन क्योंकी सीधे तौर पर भारत से चावल का आयात करने जा रहा है तो भारतीय चावल उद्योग और चावल कंपनियों के लिए यह बड़ा मौका हो सकता है। 

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