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नवंबर में शुरू होगी गोल्‍ड मोनेटाइजेशन स्‍कीम, जान लीजिए ये जरूरी बातें

 Written By: Surbhi Jain
 Published : Sep 23, 2015 07:09 pm IST,  Updated : Oct 30, 2015 11:34 am IST

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद घरों और मंदिरों में रखे सोने को बैंकों में जमा किया जा सकेगा

नवंबर में शुरू होगी गोल्‍ड मोनेटाइजेशन स्‍कीम, जान लीजिए ये जरूरी बातें- India TV Hindi
नवंबर में शुरू होगी गोल्‍ड मोनेटाइजेशन स्‍कीम, जान लीजिए ये जरूरी बातें

नई दिल्‍ली। सरकार अगले महीने गोल्‍ड से जुड़ी दो योजनाएं गोल्‍ड मोनेटाइजेशन और सॉवरेन गोल्‍ड बांड स्‍कीम शुरू करेगी। गोल्‍ड की बढ़ती मांग पर काबू पाने और इसके इंपोर्ट को घटाने के लिए सरकार यह स्‍कीम लेकर आ रही है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकान्त दास ने कहा कि यह दोनों योजनाएं नवंबर में शुरू की जाएंगी।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद घरों और मंदिरों में रखे सोने को बैंकों में जमा किया जा सकेगा, जिस पर बैंक गोल्ड रेट के आधार पर ब्याज देगा। मैच्योरिटी पूरी होने पर उस वक्त में सोने की कीमत के आधार पर आपको पैसा मिल जाएगा। आपको देशभर के BIS सर्टिफाइड सेंटर पर सोना जमा करना होगा। साथ ही बैंक में गोल्ड सेविंग अकाउंट भी खोलना होगा। मसलन आपने 600 ग्राम सोना जमा किया है तो आपके गोल्ड सेविंग अकाउंट में जमा सोना 600 ग्राम होगा। इस योजना के दीवाली तक लॉन्च होने की उम्मीद है।

कैसे काम करेगी स्कीम

देशभर में बने BIS सर्टिफाइड सेंटर पर सोना जमा करवाना होगा। कलेक्शन सेंटर सोने की शुद्धता के आधार पर एक सर्टिफिकेट देता है। लोग गोल्ड सेविंग अकाउंट के जरिए अपना सोना शार्ट टर्म (1 से 3 साल), मीडियम टर्म (5 से 7 साल) और लॉन्ग टर्म (12 से 15) के लिए जमा कर सकते हैं। आपके  सोने को (बुलियन और ज्वैलरी) पिघलाकर बाजार में फिर से इस्तेमाल के लिए पहुंचा दिया जाएगा। गोल्ड सेविंग अकाउंट पर 2.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। अगर गोल्ड सेविंग अकाउंट में 200 ग्राम सोना जमा किया है और बैंक ने उस पर 1 फीसदी ब्याज दिया तो बैंक आपको 202 ग्राम सोने की कीमत देगा। इस तरह से होने वाली कमाई पर आपको इनकम टैक्स, वेल्थ टेक्स और कैपिटल गेन टैक्स में भी छूट मिलेगी। आप समय से पहले जमा सोने को निकालते हैं तो आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक पेनाल्टी भी देनी होगी। घरों में पड़े सोने को बाजार में इस्तेमाल के लिए लाया जाए जिससे आयात बिल को कम किया जा सके।

क्या हैं चुनौतियां-

1. सरकार आपको सिर्फ शुद्ध सोना लौटाएगी। आप सोने से दोबारा आभूषण बनवाते हैं तो फिर से 10 से 15 फीसदी का मेंकिंग चार्ज देना होगा। यानी आपको अपने सोने पर 30 फीसदी का मेकिंग चार्ज देना पड़ गया। ऐसे में जनता इस स्कीम में शायद ही दिलचस्पी ले।

2. लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए सरकार इस योजना में ब्याज दर ऊंची रखना चाहेगी, लेकिन सर्राफा व्यापारी कम ब्याज दर पर सोना लेने में दिलचस्पी दिखाएगा। ऐसे में इस योजना की सफलता में कई किंतु परंतु नत्थी दिखाई पड़ते हैं।

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