पंजाब नेशनल बैंक ने दिसंबर में खत्म हुई तिमाही के दौरान 492 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक को 246 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। बैंक को घाटा डूबे हुए लोन पर प्रोविजनिंग बढ़ाने की वजह से हुआ। हालांकि तिमाही के दौरान बैंक की एसेट क्वालिटी बेहतर हुई है।
तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय 15967 करोड़ रुपये रही है, इसमें से ब्याज आय का हिस्सा 13562 करोड़ रुपये का है। पिछले साल के मुकाबले कुल आय में 7.5 फीसदी और ब्याज आय में 4.04 फीसदी की बढ़त रही है। आय में बढ़त के बावजूद बैंक बढ़ते प्रोविजनिंग की वजह से घाटे में आया है। पिछले साल के मुकाबले बैंक के NPA यानि डूबे हुए कर्ज को लेकर प्रोविजन 2566 करोड़ रुपये से बढ़कर 4445 करोड़ रुपये हो गए हैं। यानि पिछले साल के मुकाबले प्रोविजनिंग में 73 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई है।
पिछले क्वार्टर के मुकाबले बैंक की एसेट क्वालिटी बेहतर रही है। बैंक के कुल एनपीए 16.76 फीसदी के स्तर से घट कर 16.3 फीसदी के स्तर पर आ गए हैं। वहीं बैंक के नेट एनपीए 7.65 फीसदी के स्तर से घटकर 7.18 फीसदी के स्तर पर पहुंच गए हैं। नतीजों के बाद पीएनबी के शेयर में गिरावट देखने को मिली है, स्टॉक करीब 2 फीसदी तक टूट चुका है।