देश के करोड़ों मीडियम क्लास परिवारों, किराएदारों और नौकरीपेशा लोगों के लिए केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने घरेलू एलपीजी (LPG) गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 'तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) संशोधन आदेश, 2026' को अधिसूचित कर दिया है। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को ज्यादा लचीलापन और बड़ी सुविधा देना है, जो अपने घरों में एलपीजी सिलेंडर के बाद अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन ले रहे हैं। नए नियमों के तहत अब ग्राहकों को पुराने एलपीजी कनेक्शन को लेकर दो बेहद शानदार ऑप्शन दिए गए हैं।
पीएनजी कनेक्शन मिलने पर 30 दिनों के भीतर करना होगा ये काम
सरकारी अधिसूचनाके मुताबिक, यदि किसी घरेलू उपभोक्ता के घर में पीएनजी (PNG) गैस का कनेक्शन लग जाता है, तो उसके पास अब निम्नलिखित दो विकल्प होंगे:
- कनेक्शन सरेंडर: ग्राहक पीएनजी कनेक्शन चालू होने के 30 दिनों के भीतर अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन को पूरी तरह से बंद करने के लिए गैस एजेंसी में आवेदन कर सकते हैं।
- ट्रांसफर वाउचर: अगर ग्राहक कनेक्शन बंद नहीं कराना चाहता, तो वह गैस कंपनी से एक विशेष ट्रांसफर वाउचर ले सकता है। इस वाउचर का फायदा यह होगा कि भविष्य में एलपीजी कनेक्शन को दोबारा आसानी से बहाल कराया जा सकेगा।
ट्रांसफर वाउचर क्या है?
अक्सर देखा गया है कि लोग जब महानगरों में पीएनजी कनेक्शन लेते हैं, तो वे पुराना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर कर देते हैं। लेकिन जब उनका ट्रांसफर किसी छोटे शहर, कस्बे या ऐसे इलाके में होता है जहां पीएनजी की पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें दोबारा नया एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए लंबी कागजी कार्रवाई और भारी खर्च से गुजरना पड़ता था। सरकार का यह नया ट्रांसफर वाउचर नियम इसी झंझट को हमेशा के लिए खत्म कर देगा। इस वाउचर को दिखाकर ग्राहक नॉन-पीएनजी वाले इलाकों में तुरंत अपना एलपीजी कनेक्शन बिना किसी ज्यादा भाग-दौड़ के दोबारा चालू करा सकेंगे।