Indian Railways Rules: भारत में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेनों में सफर करते हैं और अपने गंतव्य पर पहुंचते हैं। भारतीय रेल ने यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए कई तरह के नियम और कानून बनाए हुए हैं, ताकि रेलवे और बाकी यात्रियों को किसी तरह की कोई समस्या न हो। अगर कोई यात्री इन नियमों को तोड़ता है तो रेलवे उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है। इसी सिलसिले में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने 1 अप्रैल से 23 जून के बीच 3628 मामले दर्ज किए हैं और 1567 यात्रियों को गिरफ्तार किया है। रेलवे ने अवैध तरीके से इमरजेंसी अलार्म चेन खींचने के मामले में ये कार्रवाई की है।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर हुई सबसे ज्यादा गिरफ्तारी
प्रयागराज मंडल ने बताया कि अप्रैल में अवैध चेन पुलिंग के 1188 मामले दर्ज कर 413 लोगों को, मई में 1265 मामले दर्ज कर 665 लोगों को और जून में 23 तारीख तक 1175 मामले दर्ज कर 459 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा कानपुर सेंट्रल पर 230, टूंडला जंक्शन पर 140, फतेहपुर स्टेशन पर 133, इटावा जंक्शन पर 130, अलीगढ़ जंक्शन पर 128, मिर्जापुर पर 128, प्रयागराज जंक्शन पर 110, नैनी जंक्शन पर 73, प्रयागराज छिवकी पर 67 और फफूंद स्टेशन पर 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इमरजेंसी अलार्म चेन खींचने के लिए क्या है कानून
भारतीय रेल के नियमों और कानूनों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट, 1989 के तहत कार्रवाई की जाती है। चलती ट्रेन में इमरजेंसी अलार्म चेन का गलत इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे एक्ट, 1989 के सेक्शन 141 के तहत कार्रवाई की जाती है। रेलवे एक्ट, 1989 के सेक्शन 141 के तहत ट्रेनों में इमरजेंसी अलार्म चेन का गलत इस्तेमाल करने पर 1000 रुपये का जुर्माना या 1 साल तक की जेल या 1000 रुपये के जुर्माने के साथ 1 साल की जेल दोनों हो सकती है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि सिर्फ इमरजेंसी की स्थिति में ही इमरजेंसी अलार्म चेन का इस्तेमाल करें।