भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही 20 रुपये के नए नोट जारी करेगा। बैंक ने इसकी जानकारी दी है और साथ ही कहा है कि लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं, पुराने नोट भी वैसे ही मान्य होंगे जैसे चल रहे हैं।
बैंक ने कहा कि इस मामले में व्हिसलब्लोअर की शिकायत मिलने के बाद बोर्ड की ऑडिट कमेटी ने आंतरिक ऑडिट विभाग को ‘अन्य संपत्ति’ और ‘अन्य देनदारियों’ में दर्ज लेनदेन की समीक्षा करने के लिए कहा था।
आरबीआई ने 2 मई को एक बयान में कहा कि प्रचलन में 2000 रुपये के नोटों का कुल मूल्य, जो 19 मई, 2023 को कारोबार की समाप्ति पर 3.56 लाख करोड़ रुपये था।
SGB स्कीम 8 साल में मैच्यॉर होती है, लेकिन इससे 5 साल के बाद प्रीमैच्यॉर एग्जिट लिया जा सकता है। ये स्कीम 5 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ आती थी।
बैंक की तरफ से बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि 97.79 प्रतिशत जमाकर्ता, जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम से अपनी जमा राशि की पूरी राशि पाने के हकदार हैं।
रजिस्ट्रार को बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक परिसमापक (लिक्विडेटर) नियुक्त करने का आदेश जारी करने का भी अनुरोध किया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने जमा और खाते पर जारी ‘मास्टर’ निर्देश में कहा कि पाकिस्तान के बाहर संचालित होने वाले पाकिस्तानी बैंकों की शाखाओं के नाम पर रुपया खाते खोलने के लिए रिजर्व बैंक से खास मंजूरी लेना बहुत जरूरी होगा।
रिजर्व बैंक ने कहा कि को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार, लगभग 98.51 प्रतिशत ग्राहक DICGC से अपनी जमा राशि की पूरी राशि प्राप्त करने के हकदार हैं।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि एआई और मशीन लर्निंग को ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा सकता है।
आरबीआई द्वारा रेपो रेट घटाने जाने से देश में सेवाएं देने वाले सभी बैंक भी लोन की ब्याज दरें घटा देंगे। जिससे आपका लोन सस्ता हो जाएगा और आपको हर महीने कम ईएमआई चुकानी होगी।
जिस तरह आम लोग अपनी जरूरतों के लिए बैंकों से लोन लेते हैं, उसी तरह बैंक भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से लोन लेते हैं। आरबीआई जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट के नाम से जाना जाता है।
आरबीआई ने कहा कि चेक ट्रंकेशन सिस्टम यानी सीटीएस के तहत सामान्य समाशोधन समय, जैसा कि किसी भी कार्य दिवस सोमवार पर लागू होता है, 31 मार्च, 2025 को भी लागू किया जाएगा।
अगर आपने किसी बैंक में अपनी खून-पसीने से कमाए गए पैसों को जमा कर रखा है और वो बैंक बर्बाद हो जाए ऐसे हालातों में आपके पैसों का क्या होगा? ग्राहकों के पैसों को ऐसी परिस्थितियों से सुरक्षा देने के लिए आरबीआई ने कुछ नियम बना रखे हैं।
क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनीज (विनियमन) अधिनियम, 2005 और क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनीज नियम, 2006 के कुछ प्रावधानों का पालन न करने के लिए यह जुर्माना लगाया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य और खाद्य मुद्रास्फीति में भी फरवरी में भारी गिरावट देखी गई, जो एक महीने पहले 4. 59 प्रतिशत से घटकर 3. 79 प्रतिशत हो गई।
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि वो दो अलग-अलग चरणों में 1 लाख करोड़ रुपये मूल्य की भारत सरकार की सिक्यॉरिटीज की खुले बाजार परिचालन (OMO) खरीद करेगा। पहले चरण के तहत 50,000 करोड़ रुपये की पहली नीलामी 12 मार्च को निर्धारित की गई है।
बैंक के विफल होने की स्थिति में जमाकर्ताओं की सुरक्षा के लिए डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन यानी DICGC नाम की एक यूनिट है जो बैंक जमाराशियों का बीमा करती है।
RBI के निर्देशों के मुताबिक, न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक 14 फरवरी से बिना प्री-अप्रूवल के कोई भी लोन या एडवांस नहीं देगा। इसके अलावा, ये बैंक आज से न तो किसी ग्राहक का डिपॉजिट स्कीकार करेगा और न ही उनके खाते से पैसे निकालकर देगा।
13 फरवरी, 2025 को कारोबार बंद होने के बाद से बैंक बिना पूर्व स्वीकृति के कोई भी लोन या अग्रिम राशि नहीं देगा या उसका रिन्युअल नहीं करेगा, कोई निवेश नहीं करेगा।
भारतीय उद्योग जगत ने आरबीआई द्वारा रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करने के फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह कदम इस मोड़ पर अर्थव्यवस्था को बहुत जरूरी सपोर्ट करेगा।
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