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किला रायपुर में 12 साल बाद फिर दौड़ीं बैलगाड़ियां, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरा किया अपना वादा

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Feb 18, 2026 09:36 pm IST, Updated : Feb 18, 2026 09:38 pm IST

पंजाब के लुधियाना में किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में 12 साल बाद ऐतिहासिक बैलगाड़ी दौड़ फिर शुरू हुई। मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रयासों से नए कानून के तहत यह आयोजन संभव हुआ है।

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Image Source : REPORTER INPUT किला रायपुर में 12 साल बाद बैलगाड़ियों की दौड़ का आयोजन हुआ है।

लुधियाना: पंजाब के प्रसिद्ध किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में मंगलवार को शुरू हुए तीन दिवसीय उत्सव के दूसरे दिन ऐतिहासिक बैलगाड़ी रेस 12 साल के लंबे गैप के बाद फिर से शुरू हुईं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपना वादा पूरा करते हुए इस रेस का आयोजन करवाया है। बैलगाड़ी रेस के आयोजन की खबर सुनते ही स्टेडियम में हजारों की संख्या में दर्शक उमड़ पड़े। लोग जोरदार जयकारों और उत्साह के साथ इन पारंपरिक दौड़ों का स्वागत कर रहे थे। यह विश्व-प्रसिद्ध बैलगाड़ी रेस पंजाब की ग्रामीण खेल विरासत का मुख्य आकर्षण रही हैं। इनके पुनरुत्थान से देश-विदेश में बैठे पंजाबियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

दूसरे दिन उमड़ी भारी भीड़

ग्रामीण ओलंपिक खेलों का उद्घाटन पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने गांव किला रायपुर के ऐतिहासिक खेल स्टेडियम में किया था। इस मौके पर विधायक जीवन सिंह संगोवाल और डॉ. के. एन. एस. कंग भी मौजूद थे। दूसरे दिन के खेलों में बैलगाड़ी दौड़ों के अलावा हॉकी मैच, कबड्डी मुकाबले, शॉट पुट थ्रो, 100 मीटर स्प्रिंट, रस्साकशी, लंबी छलांग, बाजीगर शो और कई अन्य ग्रामीण एथलेटिक खेल शामिल थे। ग्रामीण ओलंपिक के दौरान मैदान किसानों, युवाओं, महिलाओं के साथ-साथ राज्य के बाहर से आए दर्शकों से खचाखच भरा रहा। पूरे माहौल में एकता, उत्साह और भाईचारे की खास भावना छाई रही।

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Image Source : REPORTER INPUT
ग्रामीण ओलंपिक में कई तरह के खेलों का आयोजन हो रहा है।

'मैदान की तरफ लौटेंगे युवा'

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने उत्साही दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि बैलगाड़ी दौड़ों का फिर से शुरू होना एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह पशु क्रूरता निवारण (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025 के सोच-समझकर किए गए विधायी सुधारों और पशुओं की भलाई व सुरक्षा के कारण संभव हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पारंपरिक खेल की वापसी पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखती है और युवा पीढ़ी में ग्रामीण खेलों के लिए नया जोश जगाती है। स्पीकर ने उम्मीद जताई कि ये खेल युवाओं को मैदानों की ओर लौटाएंगे और उन्हें नशों तथा ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल से दूर रखेंगे।

'सामने आएगी छिपी प्रतिभा'

कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बैलगाड़ी दौड़ों के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये पंजाब की ऐतिहासिक और पारंपरिक ग्रामीण जड़ों से गहराई से जुड़ी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को धन्यवाद दिया कि उन्होंने पंजाब विधानसभा में 'पशु क्रूरता निवारण (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025' को सर्वसम्मति से पारित और लागू कराया। इस कानून ने पशुओं के लिए सुरक्षा मानक तय किए, कानूनी बाधाओं को हटाया और बैलगाड़ी दौड़ों को फिर शुरू करने का रास्ता साफ किया। मंत्री ने कहा कि किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक पंजाब भर में मजबूत खेल संस्कृति को बढ़ावा देगा और राज्य के हर कोने से छिपी प्रतिभा को सामने लाएगा।

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