मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह ने शुक्रवार को जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में एससी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरित की। जहां राज्य के ढाई लाख से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की शुरुआत हुई। इस दौरान सीएम मान ने वादा किया कि हमारा मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना है।
बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम
मंच पर से सीएम ने आगे कहा, 'साल 2020-21 की तुलना में अब 2024-25 में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। हमारा प्रयास है कि पैसों की कमी के कारण कोई भी बच्चा ना तो शिक्षा से वंचित रहे और ना ही अपने सपनों से वंचित रहे।'
अब आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से नहीं होना पड़ेगा वंचित
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मौके पर कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का मकसद जरूरतमंद बच्चों को उच्च शिक्षा तक पहुंचाना है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें।
सीधे विद्यार्थियों के खाते में ट्रांसफर हो रही ये राशि
इस योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। राज्य सरकार ने एससी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति में पिछले कुछ सालों में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिसके परिणामस्वरूप लाभार्थियों की संख्या में 35% तक का इजाफा हुआ है। कार्यक्रम में वित्त मंत्री हरपाल चीमा और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉक्टर बलजीत कौर भी मौजूद रहीं।