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'मेरा कसूर इतना था कि मैंने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल पूछा,' पुलिस की पूछताछ के बाद बोले प्रताप सिंह बाजवा

 Reported By: Puneet Pareenja Edited By: Akash Mishra
 Published : Apr 15, 2025 09:03 pm IST,  Updated : Apr 15, 2025 09:05 pm IST

पंजाब पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के बाद कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा का बयान सामने आया है। उन्होंने मोहाली के साइबर क्राइम थाने से बाहर पंजाब कांग्रेस लीडिरशिप और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद कहा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा हमने सरकार का डटकर मुकाबला किया है।

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा- India TV Hindi
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा Image Source : PTI (FILE)

पंजाब पुलिस के द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद मोहाली के साइबर क्राइम थाने से बाहर आकर प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मैं पंजाब कांग्रेस की लीडरशिप और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का शुक्रिया कहना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक छोटे से बुलावे पर इतनी बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मेरे समर्थन में पहुंचे। उन्होंने आगे कहा कि पहले ही हम आतंकवाद के दौर में काफी कुछ झेल चुके हैं और पंजाब के काफी लोगों की शहादत हुई। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस के लोगों ने पंजाब की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपनी कुर्बानियां दी। मैं पंजाब की लीडरशिप, जिला प्रधानों और तमाम गांवों से जो कार्यकर्ता मेरे समर्थन में आए हैं उनका शुक्रिया कहना चाहता हूं। इन सब के आशीर्वाद से हमने सरकार का डटकर मुकाबला किया है और आगे भी हम ये लड़ाई लड़ते रहेंगे। 

उन्होंने  कहा कि मेरे से जो सवाल-जवाब किए गए थे उनका मैंने डट कर जवाब दिया है और आगे जब भी पुलिस मुझे पूछताछ के लिए बुलाएगी मैं आ जाऊंगा। मैं सवालों की संख्या तो नहीं बता सकता लेकिन करीब ढाई बजे आया था और 8 बजे बाहर निकला हूं। बड़ी बात ये है कि नेता विपक्ष को डेमोक्रेसी में शैडो सीएम कहा जाता है लेकिन थाने में लाकर अगर नेता विपक्ष को 6 घंटे तक  बिठाकर सस्टेंड इंटेरोगेशन की जाती है तो आप समझ सकते हैं कि पंजाब में एक आम आदमी के साथ क्या होता होगा और पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति का क्या हाल है। 

'संवैधानिक पद तौहीन की है पंजाब सरकार ने'

बाजवा ने कहा कि हमने आतंकवाद का 1980-90 का दौर भी देखा है और अपने परिवार के लोगों की कुर्बानी भी देखी है। मेरा कसूर इतना था कि मैनें पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल पूछ लिया और ये बात भगवंत मान को बर्दाश्त नहीं हुई। ये मुझे जो संवैधानिक पद नेता विपक्ष का मिला हुआ है उसकी तौहीन पंजाब सरकार ने की है कि एक नेता विपक्ष को थाने में 6 घंटे बिठाकर सस्टेंड इंटेरोगेशन किया जाता है तो ऐसे में एक आम पंजाबी का क्या हाल होता होगा।

'इन बातों से मैं अपनी लड़ाई से दूर नहीं हटूंगा'

पंजाब पुलिस का व्यवहार तो आप सबको पता है कि किस किस्म का होता है लेकिन मैंने तगड़े होकर सच्चाई की लड़ाई लड़ी है और मेरे सारे कुलीग मेरे साथ हैं। मैंने अपनी नॉलेज और इनफॉर्मेशन के मुताबिक उनकी हर बात का जवाब दिया है अब आगे मुझे कब और कैसे बुलाना है ये तो पुलिस वाले ही बता सकते हैं। मैं प्रेस का शुक्रिया अदा करता हूं कि इस नाजुक घड़ी में सब ने मेरा साथ दिया। मैं कांग्रेस के लीडर्स और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा करता हूं कि इतनी गर्मी में कई घंटे वो मेरे समर्थन में खड़े रहे। उन्होंने कहा कि हम आगे भी पंजाब की लड़ाई लड़ते रहेंगे और इन बातों से मैं अपनी लड़ाई से दूर नहीं हटूंगा।

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