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साइलेंट किलर की तरह काम कर रहा स्मार्टफोन, यहां जानें Smartphone के ज्यादा इस्तेमाल पर शरीर पर क्या पड़ सकता है असर

 Written By: Pankaj Kumar Edited By: Ritu Raj
 Published : Apr 25, 2026 09:56 am IST,  Updated : Apr 25, 2026 09:56 am IST

स्मार्टफोन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हमारे शरीर के लिए एक 'साइलेंट स्ट्रेसर' बन गया है। यह केवल आंखों की थकान तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे शरीर के भीतर चल रहे जटिल सिस्टम को भी प्रभावित कर रहा है। ऐसे में यहां जान लें ज्यादा स्मार्टफोन चलाने से शरीर पर क्या असर पड़ सकता है।

Smartphone के ज्यादा इस्तेमाल पर शरीर पर क्या पड़ सकता है असर - India TV Hindi
Smartphone के ज्यादा इस्तेमाल पर शरीर पर क्या पड़ सकता है असर Image Source : FREEPIK

आज के हिंदुस्तान की हेल्थ रिपोर्ट काफी चिंताजनक है। कहीं शुगर की पकड़ है, कहीं बीपी का दबाव, कहीं हार्ट की टेंशन है, कहीं थायराइड, आर्थराइटिस और स्ट्रोक का डर और सबसे बड़ी बात बीमारी अब उम्र देखकर नहीं, लाइफस्टाइल देखकर हमला कर रही है। करीब 10 साल पहले जहां कार्डियोवैस्कुलर डिजीज 16-17% लोगों में रिपोर्ट हो रही थीं। वो 2025 में 25% से ऊपर आ गई मेटाबॉलिक और एंडोक्राइन प्रॉब्लम यानि डायबिटीज, थायराइड, मोटापा जैसी परेशानियां 15% से बढ़कर 24% से ज्यादा हो गईं। 

देश में इंफेक्शन रेट तो घट रहा हैं, लेकिन लाइफस्टाइल डिजीज तेजी से बढ़ रहे हैं और 40 की उम्र के बाद ये खतरा और ज्यादा दिखने लगा है। लेकिन सवाल ये है कि लाइफस्टाइल बिगाड़ कौन रहा है ? इसका जवाब हमारी जेब में है ये स्मार्टफोन ! एक रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में भारतीयों ने मिलकर 1.1 ट्रिलियन यानि ''एक लाख दस हज़ार करोड़ घंटे'' स्क्रीन देखते हुए बिताए। मतलब औसतन हर आदमी रोज 5 घंटे फोन पर और उसमें से लगभग 70% वक्त सोशल मीडिया, गेमिंग और शॉर्ट वीडियो पर बर्बाद किया है। 

जिसकी वजह से लोगों की नींद, दिमाग, गट हेल्थ और हार्मोन सिस्टम तेजी से बिगड़ रहा हैं। रात में स्क्रीन की ब्लू लाइट से शरीर के अंदर सूजन बढ़ाने वाले मार्कर एक्टिव होने लगते हैं। और खराब नींद लगातार स्क्रॉलिंग दिमाग को ओवर-स्टिम्युलेट करते हैं, नोटिफिकेशन डोपामिन की आदत डालते हैं। नतीजा धीरे-धीरे दिमाग को छोटी-छोटी खुशियों के लिए भी ज्यादा उत्तेजना चाहिए होती है। 

बात यहीं खत्म नहीं होती स्मार्टफोन एडिक्शन 'गट माइक्रोबायोम' को भी बिगाड़ देता है। गट खराब, तो सेरोटोनिन प्रभावित मूड डाउन, स्ट्रेस लेवल हाई। सोचिए फोन एक ऐसा चक्र चला देता है, जिसमें नींद, पेट और दिमाग तीनों फंस जाते हैं। तो आज सवाल फोन छोड़ने का नहीं, स्क्रीन टाइम कंट्रोल करने का है। ताकि शरीर को वापस सही लय में लाया जा सके। क्योंकि स्मार्टफोन टूल है, लाइफलाइन नहीं है। स्क्रीन टाइम बेलगाम रहा, तो उम्र सिर्फ चेहरे पर नहीं दिल, दिमाग, गट और पूरी बॉडी पर दिखने लगेगी। 

ज्यादा स्मार्टफोन के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान 

1. नींद पर प्रभाव 

स्मार्टफोन से निकलने वाली ब्लू लाइट सबसे ज्यादा नींद को खराब करती है। नीली रोशनी हमारे दिमाग को संकेत देती है कि अभी दिन है। इससे मेलाटोनिन का उत्पादन रुक जाता है। देर रात तक फोन चलाने से हमारे शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी बिगड़ जाती है, जिससे गहरी नींद नहीं मिल पाती।

2. दिमाग पर असर
स्मार्टफोन का सबसे ज्यादा असर दिमाग पर पड़ता है। सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन और 'लाइक्स' दिमाग में डोपामाइन रिलीज करते हैं। यह एक लत की तरह काम करता है, जिससे एकाग्रता की कमी और बेचैनी बढ़ती है।

3. गट हेल्थ / पाचन तंत्र
हैरानी की बात लग सकती है, लेकिन फोन और पेट का गहरा संबंध है। खाते समय फोन देखने से हम खाने को ठीक से चबाते नहीं हैं और जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं, जिससे अपच और वजन बढ़ता है। तनाव और एंग्जायटी सीधे हमारे पेट के माइक्रोबायोम को प्रभावित करती है, जिससे गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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