राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने आज नकली खाद बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। यहां नकली डीएपी, एसएपी और पोटेशियम बनाया जा रहा था। फैक्ट्री पर छापा मारने के लिए मंत्री किरोड़ी लोडिंग टेंपो में बैठकर पहुंचे। फैक्ट्री किशनगढ़ के उदयपुर कलां क्षेत्र में थी। दरअसल, कृषि मंत्री किशनगढ़ के रलावता गांव में कृषि संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के बाद दोपहर 2 बजे वे यहां से सिलोरा होते हुए भीलवाड़ा की तरफ जा रहे थे। इस दौरान वे कार से हाईवे पर उतर गए और फैक्ट्री में जा रहे लोडिंग टेंपो में बैठकर अधिकारियों को पीछे आने के लिए कहा।
छापेमारी के दौरान क्या मिला?
मंत्री खुद किशनगढ़ के उदयपुर कला गांव पहुंचे तो वहां उन्होंने देखा कि खेतों में बनी फैक्ट्रियों में नकली खाद तैयार हो रही थी। गोदामों में ब्रांडेड कट्टों में मार्बल का चूरा और मिट्टी भरकर डीएपी, एसएसपी, और पोटाश जैसे उत्पादों के नाम पर बेचा जा रहा था। छापेमारी के दौरान हजारों नकली कट्टे बरामद हुए, जिन्हें आसपास के गांवों में किसानों को बेचने की तैयारी थी। मंत्री ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को बुलाकर फैक्ट्रियों को सील करवाया और जांच के आदेश दिए।
किन-किन कंपनियों पर मारे गए छापे?
- 1.अतिशय बायोटेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड, किशनगढ़
- 2 कमला बायो ऑर्गेनिक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड, किशनगढ़
- 3 ट्रॉपिकल एग्रो सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, किशनगढ़
- 4.राघव एग्रो इंडस्ट्रीज, किशनगढ़
- 5.श्री गोवर्धन एग्रो, किशनगढ़
- 6 दिव्या एग्रो फर्टिलाइजर इंडस्ट्रीज नालू, किशनगढ़
- 7.भूमि एग्रो इंडस्ट्रीज, किशनगढ़
- 8.श्रीनाथ एग्रो इंडस्ट्रीज, किशनगढ़
- 9 एशिया डोन बायोकेयर, जयपुर
- 10.वर्दी जल एग्री टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, अजमेर
इसके अलावा किशनगढ़ में 2 ऐसी इंडस्ट्रीज मिली जिनके कोई नाम पता नहीं है।
किसानों ने क्या की मांग?
जैसे ही नकली खाद के इस घोटाले की जानकारी स्थानीय किसानों को मिली, इलाके में हड़कंप मच गया। गुस्साए किसानों ने गोदामों पर पहुंचकर नकली खाद के कारोबारियों की गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग की है।