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राजस्थान में शपथग्रहण से पहले कुछ विधायक नाराज, मुख्यमंत्री का WhatsApp ग्रुप छोड़ा

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 21, 2021 02:12 pm IST,  Updated : Nov 21, 2021 02:14 pm IST

मंत्री पद ना मिलने से नाराज़ गहलोत गुट के कुछ विधायक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। नाराज़ विधायक मुख्यमंत्री के व्हाट्सएप ग्रुप से अलग हो गए हैं।

राजस्थान में शपथग्रहण...- India TV Hindi
राजस्थान में शपथग्रहण से पहले कुछ विधायक नाराज, मुख्यमंत्री का WhatsApp ग्रुप छोड़ा Image Source : PTI (FILE PHOTO)

Highlights

  • गहलोत गुट के कुछ विधायक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे।
  • विधायक योगेंद्र अवाना ने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया।
  • जाहिदा खान ने भी मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यक समाज से सिर्फ एक मंत्री होने पर सवाल उठाया।

जयपुर: राजस्थान मंत्रिमंडल में फेरबदल से पहले कांग्रेस में घमासान छिड़ गया है। मंत्री पद ना मिलने से नाराज गहलोत गुट के कुछ विधायक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। नाराज विधायक मुख्यमंत्री के व्हाट्सएप ग्रुप से अलग हो गए हैं। धौलपुर बसेड़ी से विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा नाराज हैं। नाराज़ बैरवा ने अजय माकन से मुलाकात की है। वहीं, राजगढ़ लक्ष्मणगढ़ से विधायक जौहरी लाल मीणा भी नाराज हैं। मीणा ने कहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार से अलवर जिले के सभी विधायक नाराज हैं और अलवर में अगली बार कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं जीतेगा। बसपा से आए विधायक भी नाराज हैं। योगेंद्र अवाना ने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया है।

वहीं, आपको बता दें कि राज्यमंत्री बनाई जा रही जाहिदा खान ने भी मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यक समाज से सिर्फ एक मंत्री होने पर सवाल उठाया है। जाहिदा ने कहा है कि पहले मुस्लिम समाज से तीन मंत्री होते थे, अब सिर्फ एक हैं। कम से कम दो मंत्री मुस्लिम समाज से होने चाहिए थे। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यक समाज को और ज्यादा हिस्सेदारी मिलनी चाहिए थी।

बता दें कि आज राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में बहुप्रतीक्षित फेरबदल होने जा रहा है, जिसके तहत 15 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह रविवार शाम चार बजे होगा जिसमें 11 विधायकों को कैबिनेट और चार को राज्य मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। राज्य की कांग्रेस सरकार अगले महीने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे करने जा रही है और मंत्रिमंडल में यह पहला फेरबदल है जिसे पार्टी आलाकमान द्वारा क्षेत्रीय व जातीय संतुलन के साथ साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी सूची के अनुसार कैबिनेट मंत्री के रूप में हेमाराम चौधरी, महेंद्रजीत मालवीय, रामलाल जाट, महेश जोशी, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, ममता भूपेश, भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली, गोविंद राम मेघवाल व शकुंतला रावत को शपथ दिलाई जाएगी। वहीं, विधायक जाहिदा खान, बृजेंद्र ओला, राजेंद्र गुढ़ा व मुरारीलाल मीणा को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी।

इनमें ममता भूपेश, भजनलाल जाटव व टीकाराम जूली इस समय राज्यमंत्री हैं। उन्हें पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। इस सूची में हेमाराम चौधरी, मुरारीलाल मीणा व बृजेंद्र ओला सहित पांच विधायकों को पायलट खेमे का माना जाता है। इसके अलावा पिछले साल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावती रुख अपनाए जाने के समय पायलट के साथ साथ पद से हटाए गए विश्वेंद्र सिंह व रमेश मीणा को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से कांग्रेस में आए छह विधायकों में से राजेंद्र गुढ़ा को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।

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