अलवर: अलवर के थाना गाजी मे हुए गैंगरेप मामले में गहलोत सरकार बैकफुट पर आ गई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार की गलती पर पर्दा डालने के लिए सफाई पेश कर रहे है। अशोक गहलोत का कहना है कि इस पूरे मामले मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें टारगेट कर रहे हैं। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल तो प्रशासन की उस नाकामयाबी का है कि आखिर चुनावों के चलते पूरे मामले को क्यों दबाया गया। इसी वजह से ही गहलोत सरकार की भी किरकिरी हो रही है।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि भाजपा सरकार में पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई थी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का कोई बयान नहीं आया। उन्होंने कहा अब पीएम मोदी इस मामले में लगातार उनको टारगेट कर रहे है। गहलोत सरकार को बने हुए अभी कुछ ही समय हुआ है लेकिन अनुसूचित जाति पर हुए अत्याचारों की एक लंबी फेहरिस्त है, जरा देखिए-
अनुसूचित जाति पर हुए अत्याचारों के कुछ मामले
- अलवर जिला (16 दिसम्बर 2018)- दलति दूल्हे से मारपीट और बारात मे घोड़ी से उतारने का मामला
- टोक जिला (13 जनवरी 2019)- 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या
- जयपुर (15 जनवरी 2019)- नाबालिग लड़की से दुष्कर्म
- अलवर (23 जनवरी 2019) तीन लोगों ने मिलकर अनुसूचित जाति की छात्रा के साथ दुष्कर्म किया
- जोधपुर (11 फरवरी 2019)- दलित पुलिस कांस्टेबल की बारात पर हमला
इस तरह के लगभग 30 मामले अभी तक राजस्थान में कांग्रेस सरकार में सामने आए है। भले ही गहलोत सरकार तमाम दावे करती हो लेकिन ये आकड़े गहलोत सरकार की नाकामी को जाहिर करते हैं। इसके अलावा BJP द्वारा जारी की गई एक लिस्ट के मुताबिक प्रदेश में कांग्रेस शासनकाल में महिलाओं पर अत्याचार के 46 मामले सामने आए हैं। BJP द्वारा जारी की गई लिस्ट को आप नीचे पढ़ सकते हैं।


