Nirjala Ekadashi Vrat Mein Pani Pine Ke Niyam: निर्जला एकादशी व्रत को लेकर जो चीज सबसे ज्यादा सर्च की जा रही है वो है इस व्रत के नियम। दरअसल शास्त्रों में इस व्रत को निर्जला रखने का निर्देश दिया गया है। यानी इसमें न तो जल ग्रहण कर सकते हैं और न ही अन्न। लेकिन आज के समय में भीषण गर्मी और कमजोर सेहत के चलते हर किसी के लिए निर्जला व्रत रख पाना संभव नहीं होता। ऐसे में क्या पानी पीकर भी ये व्रत रह सकते हैं? यहां हम इसी बारे में जानने की कोशिश करेंगे।
निर्जला एकादशी के नियम
निर्जला एकादशी व्रत को लेकर हमारी कई ज्योतिषों और पंडितों से बात हुई और लगभग हर किसी ने बताया कि इस एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब इसे निर्जला रखा जाए। मान्यतानुसार, पांडव पुत्र भीमसेन ने भी इस व्रत को निर्जला रखकर ही सभी एकादशी व्रतों का पुण्यफल प्राप्त किया था, इसी कारण से ये व्रत निर्जला रखना सबसे ज्यादा उत्तम माना जाता है। बता दें नियम के अनुसार, इस व्रत में एकादशी तिथि के सूर्योदय से लेकर द्वादशी के सूर्योदय तक न तो कुछ खाया जाता है और न ही कुछ पिया जाता है।
निर्जला व्रत संभव न हो तो क्या करें?
वैसे तो इस व्रत में कुछ भी खाया-पिया नहीं जाता, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में व्रती को जल ग्रहण करने की छूट दे दी जाती है। जैसे अगर व्रती की सेहत खराब है या वह बहुत बुजुर्ग है तो इस स्थिति में पानी ग्रहण कर सकते हैं। हालांकि अगर सेहत ठीक नहीं है तो किसी भी प्रकार के व्रत रखने से बचना चाहिए। लेकिन अगर आपकी इस व्रत से काफी गहरी आस्था जुड़ी है और आप इसे रखना चाहते हैं, तो आप पानी का सेवन कर सकते हैं। लेकिन जिन लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें नहीं हैं उन्हें ये व्रत बिना जल ग्रहण किए ही रखना चाहिए।
निर्जला एकादशी मुहूर्त 2026
निर्जला एकादशी तिथि 24 जून की शाम 06:12 से शुरू होकर 25 जून की रात 08:09 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार ये व्रत 25 जून को रखा जाएगा। वहीं इस एकादशी व्रत का पारण 26 जून की सुबह 05:25 से 08:13 बजे के बीच किया जा सकेगा।
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