सीकर: सीकर के फतेहपुर में बीकानेर-झुंझुनूं बाईपास पर 10 अक्टूबर को मोटरसाइकिल समेत जलकर मरे एसी-फ्रिज मैकेनिक दयाचंद की संदिग्ध मौत के मामले में फतेहपुर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को सनसनीखेज खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में हरियाणा मूल की एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने जीजा और उसके साथियों की मदद से दयाचंद की हत्या की साजिश रची थी।
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कोतवाली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला की पहचान सीता देवी (33) पत्नी कुलदीप, निवासी थूईया (थाना भट्टुकला, जिला फतेहाबाद, हरियाणा), हाल निवासी ग्राम गारिंडा (थाना सदर, फतेहपुर) के रूप में हुई है।
कैसे खुली हत्या की गुत्थी
10 अक्टूबर को वार्ड 47 निवासी पूरणाराम ने अपने छोटे भाई दयाचंद के जलकर मरे होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मृतक की मोटरसाइकिल भी घटनास्थल के पास जली हुई हालत में मिली थी। प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्या की आशंका को बल दिया।
सीता और दयाचंद के बीच संबंध
पुलिस पूछताछ में सीता देवी ने बताया कि वह करीब 8-10 साल से अपने पति से अनबन के चलते फतेहपुर में बच्चों सहित किराये के मकान में रह रही थी और निजी अस्पतालों में खाना बनाकर गुजारा करती थी। दो-तीन साल पहले दयाचंद उसके मकान पर बिजली उपकरण ठीक करने आया था, जिसके बाद दोनों में बातचीत शुरू हो गई और एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे।
दयाचंद अविवाहित था और सीता से प्रेम करने लगा। उसने शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, लेकिन सीता के विरोध करने पर वह उसे बदनाम करने लगा। दयाचंद सीता पर अनैतिक कार्यों में लिप्त होने का आरोप लगाकर जहां भी वह किराये का मकान लेती, वहां बदनाम करता और मकान छुड़वा देता।
जीजा से मिलकर रची हत्या की साजिश
लगातार बदनामी से परेशान होकर सीता ने अपने जीजा पवन (निवासी हुडेरा) को पूरी बात बताई। पवन ने उसे कहा कि “दयाचंद को होटल में मिलने के बहाने मेरे गांव लेकर आओ, बाकी मैं देख लूंगा।” 9 अक्टूबर की शाम सीता ने दयाचंद को झांसे में लेकर मोटरसाइकिल से हुडेरा की ओर बुलाया। पहले से तय योजना के तहत पवन अपने साथियों के साथ कार में वहां पहुंच गया। उन्होंने दयाचंद को जबरन कार में डाल लिया और सुनसान इलाके में रातभर उसकी पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपियों ने वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए दयाचंद की लाश को मोटरसाइकिल सहित चित्रकूट बालाजी मंदिर के पीछे सुनसान स्थान पर आग लगाकर जला दिया।
मुख्य आरोपी फरार, छह मुकदमे पहले से दर्ज
पुलिस ने बताया कि हत्याकांड के मुख्य आरोपी पवन कुमार और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि पवन आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसके खिलाफ पहले से छह आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस ने कहा कि इस हत्याकांड का पर्दाफाश तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हुआ है। मुख्य आरोपी और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की कड़ी से कड़ी जोड़कर विस्तृत खुलासा किया जाएगा। (इनपुट: सूर्यरेखा)