उदयपुर: राजस्थान के कई शहरों में तकनीकी शिक्षा की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। कोटा समेत कई शहर तो इस हब के रूप में फेमस भी हैं। लेकिन इनकी इस खूबी के साथ-साथ इन शहरों का एक काला पक्ष भी है। यहां हर वर्ष सैकड़ों छात्र आत्महत्या कर लेते हैं। इसके पीछे कई बार एक समान ही कारण सामने आता है कि छात्र पढ़ाई का दबाव नहीं झेल पाते हैं और अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेते हैं।
ऐसा ही एक मामला उदयपुर से सामने आया है। यहां पॉलिटेक्निक के एक छात्र ने गुरुवार रात अपने हॉस्टल के कमरे में सुसाइड कर लिया। साथियों को वह कमरे में लगे पंखे से फंदे पर लटका मिला। पुलिस को कमरे में एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है, "मम्मी आपको दुखी करके मैं बहुत दुखी हुआ। आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। क्या करता यहां से जाना ही ठीक था। मुझे माफ करना।" जानकारी के अनुसार, मृतक अपने खानदान का इकलौता लड़का था।
इस मामले में बडगांव पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्टूडेंट हर्षवर्धन सिंह पुत्र रणजीत सिंह देवगढ़, राजसमंद का रहने वाला था। उदयपुर के विद्याभवन पॉलिटेक्निक कॉलेज में फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। वह कॉलेज ही हॉस्टल में रहता था। गुरुवार रात करीब 9 बजे हॉस्टल के पास वाले कमरे में रहने वाले स्टूडेंस ने किसी काम से हर्षवर्धन के कमरे का गेट खटखटाया।
काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो उसे कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई। उसने वार्डन सहित अन्य छात्रों को बुलाया। जिसके बाद सभी छात्रों ने मिलकर गेट तोड़ा और कमरे के अंदर गए। वहां जाकर वह देखते हैं कि हर्षवर्धन ने अपनी बैडशीट की मदद से फांसी का फंदा बनाया हुआ था और वह पंखे से लटका हुआ था। इसके बाद छात्रों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर शव को उतारकर सरकारी एमबी हॉस्पिटल लेकर गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों के आने पर शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम करवाया गया।
संपादक की पसंद