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Khatu Shyam Janmotsav 2024: इस दिन मनाया जाएगा बाबा खाटू श्याम का जन्मोत्सव, इन मंत्रों से करें पूजा, बनेंगे सारे बिगड़े काज

 Written By: Aditya Mehrotra
 Published : Mar 18, 2024 05:25 pm IST,  Updated : Mar 18, 2024 05:38 pm IST

खाटू श्याम जी के प्रति लोगों की आस्था कलयुग में लोक प्रसिद्ध है, इन्हें श्री कृष्ण का अवतार माना जाता है और कलयुग में इनको पूज्यनीय होने का वरदान प्राप्त है। आइए जानते हैं बाबा खाटू श्याम का जन्मदिन कब मनाया जाएगा, उनकी कृपा पाने के लिए इस दिन क्या करें और किन मंत्रों से उनकी पूजा करें।

Khatu Shyam Janmotsav 2024- India TV Hindi
Khatu Shyam Janmotsav 2024 Image Source : INDIA TV

Khatu Shyam Janmotsav 2024: 'हारे का सहारा बाब खाटू श्याम हमारा' इस कलयुग में बाबा खाटू श्याम के भक्तों की संख्या लाखों में है। बाबा खाटू श्याम को श्री कृष्ण का अवतार इस कलयुग में माना जाता है। यह फाल्गुन का महीना चल रहा है मान्यता है कि फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन बाबा खाटू श्याम को श्री कृष्ण ने श्याम अवतार होने का वरदान दिया था। इसलिए इस दिन बाबा श्याम का जन्मदिन बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। बाबा को हारे का सहरा भी कहते हैं, जिस पर इनकी कृपा हो जाती है उसके सारे बिगड़े काम बन जाते हैं।

वर्तमान समय में इनका राजस्थान के सीकर जिले में प्रसिद्ध मंदिर भी है, जहां इनके जन्मदिन के अवसर पर लाखों भक्तों का सैलाब दर्शन के लिए उमड़ता है। यहां की दिव्यता इस दिन देखने लायक रहती है। इस बार बाबा खाटू श्याम का जन्मदिन कब मनाया जाएगा और उनकी कृपा पाने के लिए कौन से मंत्रों से जाप कर उनकी पूजा करें आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।

इस तरह बर्बरीक से बने खाटू श्याम 

धार्मिक मान्यता के अनुसार महाभारत के पात्रों में से बर्बरीक भीम के पौत्र थे और घटोत्कच उनके पिता थे। उनकी वंशावली में सब शक्तिशाली थे इसलिए बर्बरीक भी वैसे ही महान थे और उनको अपनी मां मौरवी से यह आशीर्वाद प्राप्त था कि जिस भी कमजोर पक्ष की तरफ से वह खड़े होकर उसका साथ देंगे वह पक्षी विजय को प्राप्त करेगा। बर्बरीक का महाभारत युद्ध देखने का मन था, यह इच्छा लिए वह घर से युद्ध देखने निकले। श्री कृष्ण बर्बरीक को उनकी मां से मिले आशीर्वाद के बारे में सब कुछ जानते थे और उनको यह भी पता था कि कौरव हारेंगे तो बर्बरीक कमजोर पक्ष को हारता देख उनकी तरफ हो जाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो पांडव जीत नहीं पाएंगे और श्री कृष्ण धर्म की विजय हेतु पांडवों को जीतना चाहते थे।

श्री कृष्ण ने दिया बर्बरीक को वरदान

इसलिए उन्होंने साधु भेष धारण किया और बर्बरीक के सामने आगए, बर्बरीक ने आदर के साथ उन्हें प्रणाम किया और कहा मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं। तब श्री कृष्ण ने कहा जो मैं मांगूगा वो आप मुझे देंगे, बर्बरीक ने कहा हां तभी श्री कृष्ण अपने असली रूप में आगए। बर्बरीक को साक्षात श्री कृष्ण के दर्शन पाकर बहुत प्रसन्नता हुई। श्री कृष्ण ने कहा आपको अपना शीश मुझे देना होगा बर्बरीक ने अपने दिए हुआ वचन के अनुसार श्री कृष्ण को अपना शीश काट कर भेंट कर दिया। तभी श्री कृष्ण ने बर्बरीक को वरदान देते हुआ कहा कि आप कलयुग में मेरे अवतार माने जाएंगे और आपको मेरे नाम श्याम से जाना जाएगा। महाभारत का युद्ध देखने के लिए श्री कृष्ण ने बर्बरीक को एक ऊंचा स्थान दिया। इस प्रकार बर्बरीक की महाभारत युद्ध देखने की इच्छा भी पूर्ण हो गई।

कब है खाटू श्याम का जन्मदिन

मान्यता के अनुसार जिस दिन भगवान श्री कृष्ण से बर्बरीक को श्याम अवतार की प्राप्ति हुई थी वह फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि थी। इस लिहाज से हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की एकदाशी तिथि इस बार 20 मार्च 2024 को है। अतः खाटू श्याम भगवान का इस दिन जन्मदिन मनाया जाएगा। बाबा खाटू श्याम का राजस्थान के सीकर जिले में मंदिर है जहां उनका शीश प्रकट हुआ था। 20 मार्च 2024 को उनके जन्मदिन के उपलक्ष में लक्खी मेला लगता है जिसकी शुरुआत 12 मार्च से हो चुकी है और यह 20 मार्च 2024 को समाप्त होगा। राजस्थान के सीकर में बाबा खाटू श्याम के मंदिर में उनका जन्मदिन बड़े ही भव्य तरीके से मनाया जाता है। यहां दूर-दूर से उनके भक्त बाबा के दर्शने करने आते हैं।

बाब खाटू श्याम के मंत्र

बाबा खाटू श्यान के ये कुछ प्रसिद्ध और लाभाकारी मंत्र हैं। उनके जन्मोत्सव पर्व पर इन मंत्रों का जाप करते हुए श्याम बाबा से अपनी हर मनोकामना कहें, उनकी कृपा शीघ्र प्राप्त होगी।

  • ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय सुह्र्दयाय नमो नमः।।
  • ॐ मोर्वी नंदनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।।
  • ॐ श्याम शरणम ममः
  • ॐ खातुनाथाय नमः

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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