17 नवंबर 2025 को सोम प्रदोष व्रत रहेगा। सोम प्रदोष के दिन भगवान शंकर के निमित्त व्रत करना चाहिए। इससे व्यक्ति के सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है और जीवन में वैभव प्राप्त होता है। कहा जाता है कि त्रयोदशी तिथि की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है-वह शुभ फलों को प्राप्त करता है। चलिए आपको बताते हैं सोम प्रदोष व्रत का मुहूर्त और उपाय।
सोम प्रदोष व्रत मुहूर्त 2025 (Som Pradosh Vrat Muhurat 2025)
सोम प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त 17 नवंबर की शाम 05:27 से रात 08:07 बजे तक रहेगा।
प्रदोष व्रत के उपाय
- अगर आप अपनी धन-सम्पत्ति में वृद्धि करना चाहते हैं, तो इस दिन स्नान आदि रोजमर्रा के कार्यों से निवृत्त होकर एक एकाक्षी नारियल लें और उसे अपने मन्दिर में रखें। अब भगवान शिव की पूजा करें। भगवान को पहले पुष्प चढ़ाएं, भोग लगाएं और फिर अच्छे से धूप-दीप दिखाएं। भगवान की पूजा के बाद ठीक इसी प्रकार एकाक्षी नारियल की भी पूजा करें। पूजा के बाद उस एकाक्षी नारियल को मन्दिर में ही रखा रहनें दें।
- अगर आप अपने मानसिक तनाव से मुक्ति पाना चाहते हैं,तो आज सोम प्रदोष व्रत के दिन दो मुखी रूद्राक्ष की पूजा करके उसे गले में धारण करें। साथ ही शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करें।
- अगर आप अपने बिजनेस की समृद्धि को बनाये रखना चाहते हैं, तो इस दिन 11 कौड़ियों को मन्दिर में रखकर, उनकी उचित प्रकार से पूजा करें। पूजा के बाद उन्हें एक लाल कपड़े में बांधकर अपने ऑफिस के कैश बॉक्स में रख लें।
- अगर आप अपने जीवन को बेहतर और सुखी बनाना चाहते हैं, तो इस दिन शाम के समय घर में किसी एकांत जगह पर आसन बिछाकर बैठ जायें और शिव जी के इस मंत्र का 11 बार जप करें। मंत्र है- ‘ऊँ शिवाय नमः ऊँ’।। मंत्र जप के बाद भगवान शिव के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद लें।
- अगर आप समाज में अपना प्रभाव या रूतबा कायम करना चाहते हैं, तो इस दिन शिवलिंग पर ‘ऊँ नमः शिवाय’ बोलते हुए धतूरा चढ़ाएं। साथ ही बेलपत्र भी चढ़ाएं।
- अगर आप शत्रुओं को परास्त करना चाहते हैं और मुकदमे में जीत हासिल करना चाहते हैं, तो इस दिन आपको दुर्गा बीसा यंत्र की स्थापना करनी चाहिए। आज के दिन ताम्रपत्र पर, यानी तांबे के पत्र पर बने दुर्गा बीसा यंत्र की स्थापना करके, उसकी विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। अगर आप तांबे के पत्र पर बना यंत्र नहीं ले सकते हैं, तो भोजपत्र पर अनार की कलम लेकर चन्दन या केसर की स्याही से दुर्गा बीसा यंत्र बनाना चाहिए। अगर आपके पास ये सब भी न हो तो आप सादे कागज पर लाल रंग की स्याही से या लाल पेन से यंत्र बना सकते हैं। यंत्र की फोटो हम आपको अपनी टी.वी स्क्रीन पर दिखा रहे हैं। आपको ऐसा ही यंत्र बनाना है। यंत्र बनाने के बाद उसकी विधि-पूर्वक पूजा करें और उस पर दुर्गा के मंत्र का जप करें। मंत्र है- ‘ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै।' आप इस मंत्र का 11 हजार से लेकर 51 हजार बार जप कर सकते हैं। आप जितने मंत्रों का जप करेंगे, आपका यंत्र उतना ही प्रभावकारी होगा।
- अगर आपकी शादी हो गयी है और आप अपने रिश्ते में प्यार को बरकरार रखना चाहते हैं, तो इस दिन दूध में थोड़ा-सा केसर और फूल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस उपाय को शादीशुदा लोगों के साथ ही वो लोग भी कर सकते हैं, जिनकी शादी अभी तक नहीं हुई है।
- अगर आप बुरी नजर से अपना बचाव करना चाहते हैं, तो इसके लिये जौ के आटे की रोटियां बनाकर गाय के बछड़े को खिला दें और हाथ जोड़कर उसे प्रणाम करें।
- अगर आप अपने लवमेट के साथ रिश्ते को मजबूत करना चाहते हैं तो इस दिन दो गोमती चक्र लेकर मन्दिर में स्थापित करके, उनकी धूप-दीप, पुष्प आदि से पूजा करें और भगवान से अपने लवमेट के साथ रिश्ते को मजबूत करने के लिये प्रार्थना करें। इसके बाद गोमती चक्र को उठाकर एक लाल रंग की पोटली में बांधकर अपने पास रख लें।
- अगर आप अपने किसी खास काम में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस दिन रंगोली वाले पांच अलग-अलग रंग लें और शाम के समय शिव मन्दिर में जाकर उन रंगों से एक छोटी-सी गोल आकृति में रंगोली बनाएं। अब इस रंगोली के बींचो-बीच घी का दीपक जलाएं और कार्यों में सफलता के लिए भगवान से प्रार्थना करें।
- अगर आप अपने दाम्पत्य रिश्ते को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो इस दिन बड़ा ही अच्छा है। आज सोमवार और प्रदोष व्रत के संयोग में सौभाग्य बीसा यंत्र को सिद्ध कर धारण करने से आप अपने दाम्पत्य रिश्ते को बेहतर बना सकते हैं। सौभाग्य बीसा यंत्र की फोटो हम आपको अपनी टी.वी स्क्रीन पर भी दिखा रहे हैं। ठीक ऐसा ही यंत्र आपको बनाना है। इसके लिये आप एक भोजपत्र लीजिये और उस पर अनार की कलम को केसर की स्याही में डुबोकर ये यंत्र बनाइये। अगर आपके पास ये सब न हो तो आप सादे कागज पर लाल रंग की स्याही से भी यंत्र बना सकते हैं या फिर तांबे पर बना हुआ यंत्र भी ले सकते हैं। इस प्रकार यंत्र निर्माण के बाद उसे सिद्ध करके आप उसका उपयोग कर सकते हैं। आप चाहें तो इस सौभाग्य बीसा यंत्र को अपने पास रख सकते हैं या अपने गले में धारण कर सकते हैं।
- अगर आपका मन हर समय किसी न किसी बात को लेकर अशांत रहता है, तो इसके लिये इस दिन की शाम में भगवान शिव की प्रतिमा के आगे दीपक जलाकर, आसन बिछाकर बैठ जाएं और रुद्राक्ष की माला से “ऊँ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जप करें, लेकिन अगर आपके पास रुद्राक्ष की माला उपलब्ध ना हो, तो आप करमाला पर गिनकर 108 बार मंत्र का जप कर सकते हैं।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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