Saturday, January 17, 2026
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Sankashti Chaturthi 2025 Upay: संकष्टी चतुर्थी के दिन इन उपायों को करने से जीवन में आएगी सुख-शांति, जरूर आजमाएं

Sankashti Chaturthi Vrat 2025: प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा बहुत ही फलदायी माना जाता है। इसके अलावा इस दिन इन विशेष उपायों को करने से समस्त समस्याओं का भी समाधान निकल जाता है।

Written By : Acharya Indu Prakash Edited By : Vineeta Mandal Published : Apr 15, 2025 03:33 pm IST, Updated : Apr 15, 2025 03:33 pm IST
संकष्टी चतुर्थी उपाय- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV संकष्टी चतुर्थी उपाय

Sankashti Chaturthi Upay: 16 अप्रैल को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों की चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा का विधान है। चतुर्थी तिथि के दिन भगवान गणेश के निम्मित व्रत रख रात को चंद्रोदय के समय व्रत का पारण किया जाता है। बता दें कि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी, जबकि शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश की उपासना बड़ी ही फलदायी मानी जाती है।

संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी का अर्थ होता है- संकटों को हरने वाली। भगवान गणेश बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य को देने वाले हैं। इनकी उपासना शीघ्र फलदायी मानी गई है। कहते हैं कि जो व्यक्ति आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत करता है, उसके जीवन में चल रही सभी समस्याओं का समाधान निकलता है और उसके सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। इसके अलावा संकष्टी चतुर्थी के दिन शुभ फलों की प्राप्ति और सभी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए कौन से उपाय करने चाहिए जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।

- अगर आप किसी अच्छी कंपनी में नौकरी की तलाश में हैं, तो संकष्टी चतुर्थी के दिन स्नान आदि के बाद घी में बेसन भूनकर या किसी और से भुनवाकर, उसमें पिसी हुई शक्कर मिलाकर प्रसाद तैयार कर लें। फिर भगवान को नमस्कार करके उस प्रसाद का भोग लगाएं। साथ ही भोग लगाने के बाद भगवान श्री गणेश की मूर्ति की तीन बार परिक्रमा करें। अगर मूर्ति के आस-पास इतना स्पेस न हो तो श्री गणेश का ध्यान करते हुए अपने स्थान पर ही तीन परिक्रमा कर लें।

- अगर आपके दांपत्य जीवन में खुशियों की जगह परेशानियों ने ले ली है, तो अपने सुखी दांपत्य जीवन के लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन श्री गणेश का पूजन करके हवन करना चाहिए। आप चाहें तो किसी योग्य पंडित जी से हवन करा सकते हैं और अगर आपका इतना सामर्थ्य नहीं है तो आप स्वयं भी गाय के गोबर से बने कंडे पर सफेद तिलों की 108 आहुति देकर घर में छोटा-सा हवन कर सकते हैं।

- अगर आपको किसी भी काम में मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिल पा रही है तो अपने कामों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन गणपति जी के इस सफलता प्राप्ति मंत्र का जप करें। मंत्र है- 'गं गणपतये नमः' इस मंत्र का 11 बार जप करें और हर बार मंत्र बोलने के बाद भगवान को पुष्पांजलि अर्पित करें। इस प्रकार 11 बार मंत्र बोलते हुए, हर बार भगवान को पुष्पांजलि अर्पित करें।

- अगर आपके परिवार के किसी सदस्य की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही है, तो संकष्टी चतुर्थी के दिन 3 गोमती चक्र, 11 नागकेशर के जोड़े और 7 कौड़ियां एक सफेद रंग के कपड़े में बांधकर जिस व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब है उस व्यक्ति के सिर के ऊपर से 6 बार क्लॉक वाइज और एक बार एंटी क्लॉक वाइज वारकर श्री गणेश के मंदिर में चढ़ा दें।

- अगर आपका शत्रु आपको बहुत ज्यादा परेशान कर रहा है और आपके कामों में अड़ंगा डाल रहा है, तो शत्रु से छुटकारा पाने के लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन बाजार से एक पान का पत्ता लेकर आयें और उस पान के पत्ते को अच्छे से साफ करके, उस पर हल्दी से सातिया, यानि स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर भगवान गणेश को अर्पित करें और अपने शत्रु का नाम लेते हुए, उससे छुटकारा पाने के लिए भगवान से प्रार्थना करें।

- अगर आप प्यार, पैसा और शोहरत, ये तीनों चीज़ें अपनी जिंदगी में एक साथ पाना चाहते हैं, तो संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश के इस मंत्र का जप करें। मंत्र आप नोट भी कर सकते हैं। मंत्र है-'हस्तिपिशचिलिखे स्वाहा' भगवान गणेश के इस मंत्र का 51 बार जप करें।

- अगर आप अपने करियर में दिनों-दिन सफलता पाना चाहते हैं, तो उसके लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर एक लोटा जल लें और उस जल में दूर्वा डालकर भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने रख दें। फिर विधि-पूर्वक भगवान की पूजा करें। पूजा के बाद उस पानी के लोटे को ढंककर वहीं भगवान श्री गणेश के सामने रखा रहने दें और शाम के समय जब चन्द्रोदय हो, तो उस पानी से चंद्रमा को अर्घ्य दें और हाथ जोड़कर चंद्र देव को नमस्कार करें। एक बार फिर से याद दिला दूं किसंकष्टी चतुर्थी के दिन चन्द्रोदय का समय रात 10 बजकर 1 मिनट पर है।

- अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहते हैं, तो संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश पूजा के समय 5 गोमती चक्र लेकर, उन्हें हल्दी से पीला करके भगवान के चरणों में रख दें और धूप-दीप आदि से भगवान की पूजा के बाद उन गोमती चक्र को एक पीले रंग के कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में या अपने धन वाले स्थान पर रख दें।

- अगर आप अपने जीवन की गति को सामान्य रूप से बनाये रखना चाहते हैं, तो उसके लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश और लक्ष्मी जी की एक साथ ऐसी तस्वीर या पोस्टर घर में लाएं, जिसमें तस्वीर के बायीं और दायीं, दोनों तरफ हाथी की सूंड उठाये हुए फोटो बनी हो। लेकिन अगर आपको ढूंढने के बाद भी बाजार में ऐसी तस्वीर न मिल पाये, तो इंटरनेट से ऐसी फोटो डाउनलोड करके, उसका प्रिंट

निकलवाकर अपने घर में लगा लें।

- अगर आप अपने बिजेनस को एक ऊंचे मुकाम पर पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन इसमें आपको किसी का साथ नहीं मिल पा रहा है, तो संकष्टी चतुर्थी के दिन घर के ईशान कोण की अच्छे से साफ-सफाई करके, वहां पर एक लकड़ी की चौकी या पाटा स्थापित करें। फिर एक कटोरी में चावल लेकर, उन चावलों की सहायता से लकड़ी की चौकी या पाटे पर गणेश जी की आकृति बनाएं। फिर उस आकृति की धूप-दीप आदि से विधि-पूर्वक पूजा करें और भगवान को पुष्पांजलि अर्पित करें। पूजा के बाद सारी चीज़ों को ऐसे ही रखा रहने दें। शाम होने पर चावलों को उठाकर अपने पास एक पोटली में बांधकर रख लें और अगले दिन उस पोटली को अपने ऑफिस की तिजोरी में रख दें। साथ ही बाकी की चीजों को पीपल के पेड़ की जड़ में चढ़ा दें।

- अगर आपकी जिंदगी में सुख-शांति की जगह उलझने और परेशानियों ने ले ली है, तो संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को दुर्वा अर्पित करके गणेश गायत्री मंत्र का जप करें। भगवान गणेश का गायत्री मंत्र इस प्रकार है-'एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।'

- अगर आपकी विशेष इच्छा है, जिसे पूरा करने के लिए आप बहुत दिनों से जुटे हुए हैं तो अपनी वह विशेष इच्छा पूरी करने के लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन श्री गणेश के सामने घी का एक और तेल का एक दीपक जलाएं। घी का दीपक देवताओं के लिए होता है, जबकि तेल का दीपक साधक की कामनाओं के लिए होता है, उसकी इच्छापूर्ति के लिए होता है। साथ ही ध्यान रहे कि घी के दीपक में सफेद खड़ी बत्ती लगाकर, उसे श्री गणेश के दाहिने हाथ की तरफ रखना चाहिए और तिल के तेल के दीपक में पड़ी हुई लाल बत्ती लगाकर भगवान के बायें हाथ की तरफ रखना चाहिए और दीपक जलाते समय आपकी जो भी इच्छा हो, उसे मन ही मन कहें।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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