Tulsi Upay: रामा और श्यामा तुलसी में अंतर? जानें कौनसी तुलसी घर के लिए है शुभ
Tulsi Upay: रामा और श्यामा तुलसी में अंतर? जानें कौनसी तुलसी घर के लिए है शुभ
Written By: Poonam Shukla
Published : Oct 06, 2022 03:04 pm IST,
Updated : Oct 06, 2022 03:04 pm IST
Tulsi Upay:तुलसी का हरा-भरा पौधा सुख और समृद्धि का प्रतीक है। इन नियमों के अनुसार तुलसी में जल अर्पित करने से ही व्यक्ति को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और खूब धन का लाभ होता है।
Image Source : TULSI UPAY
Tulsi Upay
Highlights
तुलसी का हरा-भरा पौधा सुख और समृद्धि का प्रतीक है।
तुलसी दो तरह की होती हैं रामा तुलसी और श्यामा तुलसी।
Tulsi Upay: हिंदू धर्म में तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना गया है। कहा जाता है हर घर में तुलसी का पौधा होना चाहिए। साथ ही रोज सुबह, शाम तुलसी मां के सामने दीपक जलाना चाहिए और जल अर्पित करना चाहिए इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। तुलसी का हरा-भरा पौधा सुख और समृद्धि का प्रतीक है। इन नियमों के अनुसार तुलसी में जल अर्पित करने से ही व्यक्ति को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और खूब धन का लाभ होता है। ऐसा भी कहा जाता जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है।
घर में कौनसी तुलसी लगाएं- रामा या श्यामा?
तुलसी दो तरह की होती हैं रामा तुलसी और श्यामा तुलसी। लोग हमेशा सोचते है की घर में कौन सी तुलसी लगाना शुभ होता है।
रामा तुलसी
रामा तुलसी के पत्ते हरे रंग के होते हैं
इसके पत्ते मीठे होते हैं।
रामा तुलसी भगवान श्री राम को बेहद प्रिय है।
रामा तुलसी के पौधे को घर में लगाने से घर में सुख-शांति, संपत्ति आती है।
इसे घर में लगाना बहुत शुभ होता है।
श्यामा तुलसी
श्यामा तुलसी को भी घर में लगाना अच्छा होता है।
श्यामा तुलसी आयुर्वेद में भी बहुत महत्व दिया गया है।
कई दवाओं में श्यामा तुलसी का उपयोग होता है।
श्यामा तुलसी के पत्ते काले या बैंगनी रंग के होते हैं।
इसे भगवान श्रीकृष्ण से जोड़ा जाता है।
तुलसी में जल देने के नियम
बिना स्नान करें तुलसी को नहीं छुना चाहिए। सदैव स्नान के बाद ही तुलसी में जल अर्पित करें।
सूर्योदय के समय तुलसी में जल देना शुभ माना जाता है।
एकादशी के दिन भी तुलसी में जल अर्पित न करें। मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
तुलसी में जल अर्पित करने से पहले कुछ खाना नहीं चाहिए। खाली पेट तुलसी मां को जल देना चाहिए।
तुलसी में जल अर्पित करते समय बिना सिलाई का एक कपड़ा धारण करें और उसे पहन कर ही जल अर्पित करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इंडिया टीवी इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)
पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां