Chandra Gochar: चंद्रमा को ज्योतिष में शुभ ग्रह माना गया है लेकिन जब ये नीच अवस्था में होते हैं तो कुछ राशियों के जीवन में परेशानियां पैदा कर सकते हैं। 9 मार्च के दिन भी चंद्रमा तुला राशि से निकलकर अपनी नीच राशि वृश्चिक में गोचर करेंगे। चंद्रमा का यह गोचर 9 मार्च की सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर होगा। इस गोचर के चलते किन राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं और क्या सावधानियां इनको बरतनी चाहिए, आइए इस बारे में जानते हैं।
चंद्रमा का गोचर आपके अष्टम भाव में होगा। यह भाव अनिश्चितता का कारक माना जाता है। चंद्रमा के इस भाव में होने से बनते काम बिगड़ सकते हैं इसलिए सतर्कता से आपको आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी। गलत लोगों के संपर्क में आकर धन और समय बर्बाद हो सका है। आपको निवेश करने से भी इस दौरान बचनाच चाहिए। यात्राओं के दौरान अपने कीमती सामान की सुरक्षा करें। उपाय के तौर पर आपको भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।
चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में होगा इस भाव में चंद्रमा का होना आपके शत्रु पक्ष को सक्रिय कर सकता है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ नोकझोंक होने की आशंका है। हर किसी के साथ विनम्रता से व्यवहार करने की आपको आवश्यकता होगी। लेन-देन के मामलों में आपको सतर्क रहना होगा। राजनीति के क्षेत्र से जुड़े हैं तो लोगों को संबोधित करते समय शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। चंद्रमा के मंत्रों का जप करने से जीवन की प्रतिकूलता दूर हो सकती है।
चंद्र ग्रह का गोचर आपके हानि भाव यानि द्वादश भाव में होगा। इस गोचर के चलते मानसिक तनाव का सामना आपको करना पड़ सकता है। आलस्य आप पर हावी हो सकता है। योग-ध्यान करने से स्थिति सुधरेगी। इसके साथ ही धनु राशि के जातकों को धन से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सतर्क रहना होगा, आर्थिक हानि हो सकती है। कोई विश्वासपात्र ही धोखा दे सकता है, इसलिए किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। उपाय के तौर पर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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