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Mathura-Vrindavan Janmashtami Date 2025: मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी 16 या 17 अगस्त? जान लें सही डेट

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Aug 15, 2025 11:11 am IST,  Updated : Aug 16, 2025 06:14 am IST

Mathura-Vrindavan Janmashtami Date 2025: मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी त्योहार की एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है। इसलिए हर साल बड़ी संख्या में भक्त श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने वहां पहुंचते हैं। जानिए इस साल मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी का त्योहार कब मनाया जाएगा।

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मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी 16 या 17 अगस्त? Image Source : CANVA

Mathura-Vrindavan Janmashtami Date 2025: जन्माष्टमी का पावन पर्व वैसे तो पूरे भारत में ही बड़े धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन मथुरा-वृंदावन में इसकी अलग ही रौनक देखने को मिलती है। हर साल लाखों की संख्या में भक्त जन्माष्टमी मनाने के लिए भगवान कृष्ण की प्रिय नगरी में पहुंचते हैं। यहां के बांके बिहारी मंदिर,  रंगनाथजी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, राधारमण मंदिर की जन्माष्टमी तो विश्वभर में प्रसिद्ध है। चलिए आपको बताते हैं इस साल मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी उत्सव कब मनाया जाएगा।

मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी (Mathura-Vrindavan Janmashtami Date 2025)

मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी उत्सव 16 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन रात 12 बजे भगावन कृष्ण का अभिषेक करके उनकी आरती की जाएगी।

बांके बिहारी मंदिर जन्माष्टमी (Banke Bihari Mandir Janmashtami)

जन्माष्टमी का त्योहार बांके बिहारी मंदिर में 16 अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन मंदिर और उसके आसपास की जगहों को पुष्पों, पर्दों और दीपों से सजाया जाता है। रात 12 बजे गर्भगृह में बाल गोपाल का अभिषेक किया जाता है। इसके बाद भगवान को सुंदर वस्त्र पहनाए जाते हैं और उनका विभिन्न चीजों से उनका श्रृंगार किया जाता है। 

बांके बिहारी की मंगला आरती का समय (Banke Bihari Mangla Aarti Time)

जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर बांके बिहारी मंदिर में रात 12 बजे मंगला आरती की जाती है। बता दें साल में सिर्फ यही एक ऐसा दिन होता है जब इस आरती का आयोजन किया जाता है। यह वह अद्भुत क्षण होता है जब मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा वातावरण जय कन्हैया लाल के जयकारों से गूंज उठता है। मंगला आरती से पहले श्रीकृष्ण को पंचामृत से स्नान कराया जाता है और उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाएं जाते हैं। इसके बाद आरती करके भगवान को माखन-मिश्री का भोग लगाया जाता है। मंगला आरती का आयोजन भक्तों के लिए अत्यंत दिव्य अनुभव होता है।

जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मथुरा-वृंदावन में होने वाले महत्वपूर्ण उत्सव

  • झूलन उत्सव
  • घाट
  • दही हांडी समारोह
  • रासलीला

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