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निर्जला एकादशी और गुरुवार का शुभ संयोग, कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए जरूर करें 4 उपाय

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 24, 2026 11:24 pm IST,  Updated : Jun 24, 2026 11:24 pm IST

निर्जला एकादशी का व्रत गुरुवार 25 जून को रखा जाएगा। निर्जला एकादशी और गुरुवार के शुभ संयोग में कुछ उपाय आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकते हैं। आज हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में जानकारी देंगे।

निर्जला एकादशी उपाय - India TV Hindi
निर्जला एकादशी और गुरुवार का शुभ संयोग Image Source : PEXELS

निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026 को रखा जाएगा और इस दिन गुरुवार भी है। ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह का संबंध भगवान विष्णु से है और निर्जला एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित शुभ दिन ही है। ऐसे में निर्जला एकादशी और गुरुवार के शुभ संयोग में कुछ उपाय आपके लिए बेहद लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं। इन उपायों को करने से जहां भगवान विष्णु की कृपा आपको प्राप्त होगी वहीं कुंडली में गुरु ग्रह भी मजबूत होंगे। गुरु के मजबूत होने से आपको पारिवारिक जीवन और करियर के क्षेत्र में शुभ परिणाम मिल सकते हैं। आइए जान लेते हैं निर्जला एकादशी और गुरुवार के संयोग में किए जाने वाले इन उपायों के बारे में। 

निर्जला एकादशी और गुरुवार के शुभ संयोग में करें ये उपाय 

  • निर्जला एकादशी के दिन आपको व्रत के साथ ही पीली चीजों का दान भी करना चाहिए। आप पीले वस्त्र, हल्दी, पीली दालें दान कर सकते हैं। इन चीजों का दान करने से कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत होती है और जीवन में आपको शुभ फल प्राप्त होते हैं। गुरु के मजबूत होने से वैवाहिक और प्रेम जीवन में आ रही परेशानियों का हल भी आपको प्राप्त होता है। 
  • निर्जला एकादशी के शुभ दिन पर आपको व्रत के साथ ही केले के पेड़ की पूजा भी करनी चाहिए। केले का संबंध देव गुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु दोनों से है। ऐसे में आपको केले की जड़ पर सबसे पहले जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद आपको घी के तेल का दीपक केले के पास जलाना चाहिए। दीपक जलाने के बाद आपको भगवान विष्णु और गुरु ग्रह के मंत्रों का जप करना चाहिए। ऐसा करने से गुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु दोनों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। यह उपाय जीवन की हर परेशानी का अंत कर सकता है। 
  • निर्जला एकादशी के व्रत के दिन गुरुवार है इसलिए विष्णु पूजन के साथ ही गुरु ग्रह के बीज मंत्र 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' का आपको कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। यह उपाय प्रगति के रास्ते आपके लिए खोल सकता है। बीज मंत्र का जप करने से संबंधित ग्रह की ऊर्जा बढ़ती है, ऐसे में अगर आप गुरु ग्रह के मंत्र का जप निर्जला एकादशी और गुरुवार के शुभ संयोग में करेंगे तो गुरु की सकारात्मक ऊर्जा आपके जीवन के अंधकार को दूर कर सकती है। 
  • गुरु ग्रह को घर के बड़े-बुजुर्गों, शिक्षक आदि का कारक माना गया है। इसलिए निर्जला एकादशी और गुरुवार के शुभ संयोग में आपको गुरुजनों और घर के बड़े बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए। उनके साथ कुछ समय आपको बिताना चाहिए और हो सके तो उनके पसंद की कोई चीज आप उनको उपहार के रूप में दे सकते हैं। ऐसा करने से गुरु प्रसन्न होकर आपकी दुख-विपदाओं को दूर कर सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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