Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र में शनि पर्वत और शनि रेखा को बेहद अहम माना जाता है। शनि पर्वत आपके जीवन में सफलता को सुनिश्चित करता है और साथ ही संघर्षों के बारे में भी शनि पर्वत से काफी कुछ जानकारियां प्राप्त होती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि हथेली में शनि पर्वत कहां होता है और कैसे इसके जरिए आप अपने जीवन के रहस्यों के बारे में जान सकते हैं।
हथेली पर शनि पर्वत कहां होता है?
हथेली में शनि पर्वत मध्यमा उंगली के मूल भाग को कहा जाता है। नीचे दी गई तस्वीर में आप जान सकते हैं कि शनि पर्वत कहां होता है। इस पर्वत पर बनने वाली रेखा को शनि रेखा कहा जाता है। शनि पर्वत और शनि रेखा दोनों के जरिए ही काफी कुछ जानकारियां आपके जीवन के बारे में पता चलती हैं।

हथेली में उभरा हुआ शनि पर्वत
अगर आपकी हथेली में शनि पर्वत उभरा हुआ और पूर्व रूप से विकसित है तो इसे अच्छा संकेत माना जाता है। ऐसे लोग न्यायप्रिय और अपने काम के प्रति फोकस्ड होते हैं। साथ ही भाग्य का भी इनको साथ मिलता है। ऐसे लोग गंभीर होते हैं और खुद का भी और दूसरों का भी सम्मान करते हैं। समाज में भी और करियर के क्षेत्र में भी ऐसे लोग ऊंचाइयों को छूते हैं।
हथेली पर अविकसित शनि पर्वत
अगर हथेली पर शनि पर्वत उभरा हुआ नहीं है यानि अविकसित है तो इसे अच्छा संकेत नहीं माना जाता। इसका अर्थ है कि व्यक्ति को जीवन में संघर्षों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों को समाज में सम्मान पाने के लिए भी कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। काम के प्रति इनका रवैया लापरवाह हो सकता है जिसके कारण बने-बनाए काम भी बिगाड़ सकते हैं। ऐसे लोगों को योग-ध्यान करने से जीवन में अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
हथेली पर अधिक उभार लिए हुए शनि पर्वत
अगर बाकी पर्वतों की तुलना में शनि पर्वत हथेली पर बहुत अधिक उभरा हुआ है तो इसे अच्छा संकेत नहीं माना जाता। ऐसे लोग गलत संगति में पड़ सकते हैं और अपना और अपने परिवार का अहित कर सकते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को अच्छी संगति में रहना चाहिए और मांस-मदिरा का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
शनि पर्वत पर पीलापन
अगर शनि पर्वत पीलापन लिए हुए हो तो ऐसे लोगों को स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना चाहिए। सेहत में बार-बार ऐसे लोगों को उतार चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। इसके साथ ही करियर के क्षेत्र में भी इनको मुश्किलें आ सकती हैं। इनके जीवन में सफलता बिना संघर्षों के नहीं आती।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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