Samurdrik Shastra: सामुद्रिक शास्त्र अनुसार शरीर पर मौजूद तिल हमारे भविष्य से जुड़े कई गहरे राज खोलते हैं। कई तिल हमारे जन्म से ही होते हैं तो कई समय के साथ-साथ उभरते जाते हैं। आज हम आपको हथेली के शुभ तिलों के बारे में बताएंगे। कहते हैं जिनकी हथेली के बिल्कुल बीच में तिल होता है ऐसे लोग राजयोग लिखाकर पैदा होते हैं। इन्हें जीवन में वो सबकुछ मिलता है, जिनकी इन्हें चाहत होती है। चलिए जानते हैं हथेली के भाग्यशाली तिलों के बारे में विस्तार से यहां।
हथेली के भाग्यशाली तिल
- समुद्रिक शास्त्र में सबसे शुभ तिल उसे माना जाता है जो हथेली के बिल्कुल बीचों-बीच हो। यानी जो तिल मुट्ठी बंद करने पर हथेली के अंदर आ जाए, वे ही सबसे शुभ माना जाता है। कहते हैं ऐसे लोग धन के मामले में बेहद भाग्यशाली होती है। इनके पास पैसा आता भी बहुत है और टिकता भी है। इन्हें जीवन में कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता।
- जिन लोगों की तर्जनी उंगली के ठीक नीचे वाले हिस्से पर यानी गुरु पर्वत पर तिल होता है, ऐसे लोग भी भाग्यशाली माने जाते हैं। ये बहुत बुद्धिमान और अच्छी नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं। इन लोगों कोग शिक्षा, राजनीति या प्रबंधन के क्षेत्र में खूब सफलता प्राप्त होती है।
- अंगूठे के ठीक नीचे वाले उभरे हुए हिस्से को शुक्र पर्वत कहते हैं। यहां पर तिल होना भी बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं ऐसे लोगों का जीवन सुख-सुविधाओं से भरा रहता है। इनका जीवन ऐश-ओ-आराम से बीतता है। ये लोग लग्जरी लाइफ जीते हैं।
- सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति के अंगूठे पर तिल होना भी बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं ऐसे लोगों की इच्छा शक्ति काफी मजबूत हो जाती है। ये तिल अच्छी निर्णय क्षमता और नेतृत्व का प्रतीक होता है।
- अनामिका उंगली (Ring Finger) पर तिल होना भी बेहद शुभ माना गया है। कहते हैं ऐसे लोग को सरकारी कार्यों में बड़ी सफलता मिलती है। ये कला और प्रशासन के क्षेत्र में खूब नाम कमाते हैं।
- जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा और भाग्य रेखा के संगम पर तिल होना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसे लोग बड़े आदमी बनते हैं। इन्हें धन-वैभव और मान-सम्मान मिलता है।
- लड़कियों के बाएं बाथ पर तिल होना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं ऐसी स्त्रियों का दांपत्य जीवन सुखमय होता है। साथ ही इन्हें जीवन में धन-ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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