Shani ki Ulti Chaal 2026: शनि जब अपनी वक्री चाल शुरू करते हैं तो उसे शनि की उल्टी चाल के नाम से भी जाना जाता है। 2026 में शनि 27 जुलाई को वक्री होने जा रहे हैं जो 11 दिसंबर 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे। 138 दिनों तक उल्टी चाल चलने के दौरान शनि 4 राशि वालों को करियर में अच्छा लाभ देंगे। इन राशियों की इनकम में भारी उछाल देखने को मिलेगा। चलिए जानते हैं ये कौन सी राशियां हैं।
शनि की उल्टी चाल इन 4 राशियों के करियर को देगी नई उड़ान
1. मेष राशि (Aries)
- मेष राशि वालों के लिए शनि की उल्टी चाल लकी साबित होगी।
- आपको करियर में अथाह लाभ मिलने की उम्मीद है।
- यदि आप लंबे समय से नौकरी बदलने की सोच रहे थे तो आपको इस अवधि में कहीं से अच्छा ऑफर आ सकता है।
- कार्यस्थल पर आपकी साख बढ़ेगी और सैलरी में अच्छी वृद्धि होने की उम्मीद रहेगी।
- साझेदारी के कार्यों में अच्छा मुनाफा होगा।
2. मिथुन राशि (Gemini)
- मिथुन राशि वालों के लिए शनि की उल्टी चाल बेहद शुभ साबित होगी।
- बिजनेस में बंपर उछाल देखने को मिलेगा। जो लोग नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं उनका ये सपना इस अवधि में पूरा हो सकता है।
- बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल होने के योग बन रहे हैं।
- विदेश में नौकरी प्राप्त करने का सपना पूरा हो सकता है।
- अचानक से धन प्राप्ति के योग बनेंगे।
3. सिंह राशि (Leo)
- सिंह राशि वालों के लिए शनि की उल्टी चाल बेहद लाभकारी साबित होगी।
- पैतृक संपत्ति से अच्छा लाभ प्राप्त हो सकता है।
- यदि आप नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो इस कार्य के लिए शनि के व्रकी गोचर की अवधि शुभ साबित होगी।
- कार्यस्थल पर आपको कोई बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है।
धनु राशि (Sagittarius)
- धनु राशि वालों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।
- किसी पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है।
- इनकम के स्थायी स्रोत बनेंगे।
- किसी पुराने निवेश से अच्छा धन प्राप्त करने में सफल रहेंगे।
- जीवनसाथी का हर काम में सहयोग मिलेगा।
शनि को मजबूत करने के उपाय
- अगर आप शनि को मजबूत करना चाहते हैं तो हर शनिवार शाम के वक्त पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं।
- शनिवार में हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें।
- शनिवार के दिन काली उड़द, काले कपड़े, काले तिल, छाता या लोहे की वस्तुओं का दान करने से भी शनि ग्रह को मजबूत किया जा सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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