1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Ganesh Ji Ki Aarti Aur Mantra: बुधवार के दिन विभुवन संकष्टी चतुर्थी का अद्भुत संयोग, जानें आरती, पूजा मंत्र और विशेष नियम, जो बरसाएंगे बप्पा का आशीर्वाद

Ganesh Ji Ki Aarti Aur Mantra: बुधवार के दिन विभुवन संकष्टी चतुर्थी का अद्भुत संयोग, जानें आरती, पूजा मंत्र और विशेष नियम, जो बरसाएंगे बप्पा का आशीर्वाद

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jun 02, 2026 05:50 pm IST,  Updated : Jun 02, 2026 05:50 pm IST

Budhwar Aur Sankashti Chaturthi Ka Durlabh Sanyog: अधिक मास में आने वाली विभुवन संकष्टी चतुर्थी हर 3 साल में एक बार पड़ती है। इस बार यह बुधवार को होने के कारण और भी खास मानी जा रही है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा, मंत्र जाप और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होने और सुख-समृद्धि बढ़ने की मान्यता है।

Vibhuvan Sankashti Chaturthi - India TV Hindi
विभुवन संकष्टी चतुर्थी आरती और पूजा मंत्र Image Source : PEXELS

Vibhuvan Sankashti Chaturthi 2026 on Wednesday: अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली विभुवन संकष्टी चतुर्थी इस बार 3 जून को मनाई जाएगी। खास बात यह है कि यह व्रत बुधवार के दिन पड़ रहा है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए विशेष फलदायी है। श्रद्धालु इस दिन गणपति बप्पा की विशेष पूजा-अर्चना कर उन्हें प्रसन्न करते हैं। जानिए गणेश जी पूजा के मंत्र, आरती और कुछ जरूरी नियम। 

क्यों खास है इस बार की संकष्टी चतुर्थी?

विभुवन संकष्टी चतुर्थी का संबंध अधिक मास से होता है, जो लगभग तीन साल में एक बार आता है। वहीं, बुधवार का दिन भी भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। ऐसे में दोनों का एक साथ आना एक शुभ संयोग माना जा रहा है। 

इस मंत्र का करें जाप

पूजा के समय भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करते हुए इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है: 

"श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि" मंत्र उच्चारण के साथ श्रद्धापूर्वक दूर्वा अर्पित करने से बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त होने और जीवन की परेशानियां दूर होने की मान्यता है।

गणेश मंत्र

गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:। 

नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।। 
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:। 
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।

'ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम् संकटान निवारय-निवारय स्वाहा।'

त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय। 
नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।

'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।'

'गं क्षिप्रप्रसादनाय नम:'
 
'एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।' 

एकदंतं महाकायं लम्बोदरगजाननम्।
विध्ननाशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्॥

'ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये। वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नम:।।'

गजाननं भूतगणाधिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्।
उमासुतं शोकविनाशकारणं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥

गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti )

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एकदन्त, दयावन्त, चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे, मूषक की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डूवन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शम्भु सुतवारी।
कामना को पूरा करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

जरूर नियम और सावधानियां

  1. गणेश पूजा में तुलसी के पत्ते अर्पित नहीं किए जाते। गणेश जी को देवी तुलसी द्वारा श्राप दिया था। इसलिए भूलकर भी उन्हें तुलसी दल अर्पित नहीं करना चाहिए।
  2. व्रती को इस दिन साफ-सुथरे और हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए। काले रंग के कपड़ों से परहेज करें। 
  3. संकष्टी चतुर्थी के दिन भोजन में सात्विकता का विशेष ध्यान रखें।
  4. इस दिन किसी से विवाद नहीं करना चाहिए और बुजुर्गों का सम्मान करें। शांत मन, श्रद्धा के साथ की गई गणेश आराधना से बप्पा प्रसन्न होते हैं।
  5. संकष्टी चतुर्थी व्रत में चंद्रमा के दर्शनों का विशेष महत्व है। इसलिए रात में चंद्र दर्शन के बाद दूध मिश्रित जल से अर्घ्य देकर ही व्रत खोलें। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: Sankashti Chaturthi 2026: कल 3 साल बाद रखा जाएगा विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत, जानें पूजा विधि और चंद्रोदय का समय

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।