बेंगलुरू: आस्ट्रेलिया को दूसरे टेस्ट मैच में 75 रनों से हराने के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि यह जीत उनके कप्तानी करियर की 'सबसे अच्छी' जीत है। इस मैच को जीत कर भारत ने श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली है।
कोहली ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, "यह मेरी अब तक की सबसे अच्छी जीत है। मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहता कि हमारी रणनीति क्या थी, वह हमारे लिए कामयाब रही। यह हमारे लिए भावनात्मक मैच था। हमने टीम भावना दिखाई। यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है। यह मेरी अब तक की सबसे अच्छी जीत है।"
उन्होंने कहा, "हमने 75 रनों से मैच जीत खुद को ही हैरान कर दिया। हमने सोचा था कि यह करीबी मैच होगा। पहला मैच हारने के बाद हम वापसी करना चाहते थे। हम किसी और को नहीं बल्कि खुद को साबित करना चाहते थे।"
उन्होंने कहा, "भारतीय खिलाड़ियों ने जज्बा दिखाया और भरोसा दिलाया की हम किसी भी स्थिति से जीत सकते हैं। यह सिर्फ जिम्मेदारी लेने की बात है। दर्शकों से मिली हौसलाअफजाई से जिस तरह से खिलाड़ियों ने प्रदर्शन किया वह शानदार था। दूसरी पारी में मेहमान जब रन नहीं कर पा रहे थे तभी हम समझ गए थे कि हम जीत सकते हैं।" श्रृंखला का तीसरा मैच रांची में खेला जाना है।
कोहली ने इस पर कहा, "रांची जाने का इंतजार नहीं कर सकता। हमें इस लय को आगे बरकरार रखना होगा। टीम अब पीछे मुड़ कर नहीं देखेगी।" कोहली ने चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे की प्रशंसा की। इन दोनों ने दूसरी पारी में पांचवें विकेट के लिए 118 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था।
कोहली ने कहा, "पुजारा और रहाणे के बीच हुई साझेदारी मेरी पिछले कुछ वर्षो में देखी गई साझेदारियों में से सर्वश्रेष्ठ थी। वह चैम्पियन साझेदारी थी। यह दोनों इसलिए टेस्ट के दो सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं।" उन्होंने कहा, "अंत में रिद्धिमान साहा और ईशांत शर्मा की पारी ने हमारे लिए बोनस का काम किया।"
उन्होंने कहा, "हम जानते थे कि अगर हम 150 का आंकड़ा पार कर लेंगे तो हमारे पास जीतने का मौका होगा। हम 200 के ऊपर जाना चाहते थे। हमने सोचा था कि हम 225 के तक पहुंचेंगे। जब हमने 187 रनों की बढ़त के साथ दूसरी पारी समाप्त की हमें लगा कि अंदर कुछ मेहनत करनी होगी।"