इंग्लैंड के मुख्य कोच क्रिस सिल्वरवुड ने रविवार को कहा कि भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में उनकी टीम की बड़ी जीत में 'नियंत्रित आक्रामकता' ने अहम भूमिका निभायी। इससे पूर्व लार्ड्स टेस्ट में उनके खिलाड़ी अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख पाये थे।
दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ियों के बीच कई अवसरों पर शाब्दिक बाण चले थे। भारत ने पांचवें दिन यह मैच जीता था। लीड्स में हालांकि मैदानी वातावरण कुछ शांत दिखा। इंग्लैंड ने इस मैच में पारी और 76 रन से जीत दर्ज करके अच्छी वापसी की।
सिल्वरवुड ने वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जो (रूट) और मैंने लार्ड्स टेस्ट को लेकर विचार किया कि हम क्या सीख ले सकते हैं और कैसे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने (हेडिंग्ले में) जो कुछ किया उसमें नियंत्रित आक्रामकता शामिल थी।"
उन्होंने कहा, "जिस तरह से उन्होंने सहीं लेंथ से गेंदबाजी की, जिस तरह से उन्होंने भारत के निचले क्रम के बल्लेबाजों को दबाव में रखा और उन्हें हर समय निर्णय लेने के लिये मजबूर किया। मेरा मानना है कि आप नियंत्रित तरीके से आक्रामक हो सकते हो और मुझे लगता है कि उन्होंने ऐसा अच्छी तरह से किया।"
सिल्वरवुड से पूछा गया कि क्या भारत को लीड्स की तरह दबाव में रखा जा सकता है, उन्होंने कहा, "उन पर हावी होना महत्वपूर्ण है क्योंकि हम जानते हैं कि वह बहुत अच्छी टीम है। एक बार जब वे हावी हो जाते हैं तो उन्हें रोकना मुश्किल होता है।"
खेलों के प्रति जुनून मेजर ध्यानचंद को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि : पीएम मोदी
उन्होंने कहा, "हमने उन्हें बैकफुट पर रखा और हमने उन पर दबाव बनाये रखा। इससे पता चलता है कि हम क्या कर सकते हैं। हमारे खिलाड़ियों ने रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। इससे पता चलता है कि एक बार आप यदि विरोधी टीम को बैकफुट पर भेज देते हो तो दबाव बनता है और हम उन पर हावी हो सकते हैं।"