इंदौर: धोनी ने आज यहां एकदम विपरीत परिस्थितियों में वो किया जिससे उनसे हमेशा अपेक्षा की जाती है। धोनी पहले ने भारत की डूबती नैया को अकेले दम पर नाबाद 92 रन बनाकर 247 तक पहुंचाया और फिर दो कैच और एक स्टंपिग कर भारत को हार के मुंह से निकालकर जीत के मंच पर ला खड़ा किया।
साउथ अफ़्रीका ने अच्छी शुरुआत की और दो विकेट खोकर स्कोर 50 के ऊपर पहुंचा दिया। डूमनी और प्लेसिस जिस तरह से खेल रहे थे लग रहा था कि मैच में भारत है ही नहीं लेकिन तभी 140 के स्कोर के आसपास लगतार दो विकेट गिरने से भारत की उम्मदें जाग गईं। डूमनी के आउट होने के बाद डू प्लेसिस और फिर मिलर के आउट होने से अचानक टीम इंडिया को जीत की खुशबू आने लगी।
इन उम्मीदों को पर और तब लग गए जब वनडे के सबसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ डिविलियर्स 167 के स्कोर पर आउट हो गए। बहरदीन और स्टेन ने थोड़ा बहुत परेशान किया मगर आख़िरकरा टीम इंडिया ने 43.4 ओवर में साउथ अफ़्रीका की पारी समेट दी।
धोनी ने जहां टीम इंडिया को लड़ने की जगह मुहैया कराई वहीं अक्षर पटेल और भुवनेश्वर कुमार ने तीन-तीन विकेट लेकर अपने कप्तान की पारी को यादगार बना दिया। पटेल ने जहां अपने दस ओवर में 39 रन देकर तीन विकेट लिए वहीं बुवनेश्वर कुमार ने 44वें ओवर में चार बॉल पर दो विकेट लेकर साउथ अफ़्रीका की रही सही उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
हरभजन ने की शानदार वापसी-
हरभजन ने आज बेहतरीन बल्लेबाजी के साथ साथ उम्दा गेंदबाजी भी की। हरभजन सिंह ने भी दो विकेट लेकर टीम में अपनी वापसी को सार्थक किया। वहीं पटेल ने आमला, प्लेसिस और डूमनी जैसे बल्लेबाज़ों के विकेट लेकर भारत को जीत की रहा पर डाल दिया वहीं कुमार ने मिलर, ताहिर और मॉर्कल को आउट कर ताबूत में आखिरी कील ठोक दी।
धोनी ने खुद को साबित किया-
इसके पहले बांग्लादेश में हार और फिर साउथ अफ़्रीका के साथ T20 सीरीज़ में 2-0 से शिक़स्त के बाद धोनी पर लगातार हमले हो रहे थे, उनकी कप्तानी और उनकी बैटिंग को भी लेकर उन्हे घेर जा रहा था। लेकिन आज की उनकी पारी ने कम से कम ये तो साबित कर दिया है कि धोनी की धार फ़िलहाल कम नहीं पड़ी है।
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