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Video: बल्ले से ही नहीं जुबान से भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को काबू में रखते थे गौतम गंभीर

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Dec 04, 2018 09:16 pm IST,  Updated : Dec 04, 2018 10:57 pm IST

गंभीर ने भले ही क्रिकेट के अलविदा कह दिया हो लेकिन उनके जुड़े किस्से हमेशा याद आते रहेंगे। पाकिस्तान के खिलाफ उनकी हमेशा जंग रहती थी। वे कई बार पाकिस्तानी खिलाड़ियों से जुबानी जंग में उलझे थे।

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Video: बल्ले से ही नहीं जुबान से भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को काबू में रखते थे गौतम गंभीर  Image Source : GETTY

पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर ने मंगलवार को क्रिकेट के सभी प्रारूप से संन्यास ले लिया। भारत के लिए 58 टेस्ट और 147 वनडे मैच खेलने वाले गम्भीर ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। गम्भीर ने लिखा, "जिंदगी में कड़े फैसले हमेशा भारी मन से लिए जाते हैं। भारी मन से मैं वह फैसला ले रहा हूं, जिसको लेने के ख्याल मात्र से ही मैं जिंदगी भर डरता रहा।" गम्भीर ने 2016 में भारत के लिए अंतिम टेस्ट मैच खेला था। गम्भीर ने टेस्ट मैचों में 41.95 के औसत से कुल 4154 रन बनाए और वनडे मैचों में उनके नाम 5238 रन रहे। गम्भी ने भारत के लिए 37 टी-20 मैच भी खेले। टेस्ट मैचों में गम्भीर ने नौ शतक लगाए जबकि वनडे मैचों में उनके नाम 11 शतक रहे। इसके अलावा गम्भीर ने टी-20 मैचों में सात अर्धशतक लगाए। अब क्रिकेट का ये सितारा दोबारा क्रिकेट के मैदान पर नजर नहीं आएगा। हालांकि गंभीर ने भले ही क्रिकेट के अलविदा कह दिया हो लेकिन उनके जुड़े किस्से हमेशा याद आते रहेंगे। पाकिस्तान के खिलाफ उनकी हमेशा जंग रहती थी। वे कई बार पाकिस्तानी खिलाड़ियों से जुबानी जंग में उलझे थे।

वाक्या नंबर एक

साल 2010 में एशिया कप के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ गौतम गंभीर 55 रन बनाकर खेल रहे थे। इसी बीच शाहिद अफरीदी की गेंद पर विकेटकीपर कामरान अकमल ने कैच आउट की अपील की, जबकि गेंद गौतम गंभीर के बल्ले से बेहद दूर थी। जब ड्रिंक ब्रेक हुआ तो गंभीर, कामरान के पास पहुंचे और दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। अंपायर बिली बाउडन और एम एस धोनी ने आकर बीच बचाव किया।

वाक्या नंबर दो
साल 2007 में गंभीर अफरीदी से भिड़ गए थे। क्रिकेट जगत में इस वाक्ये का जिक्र हमेशा होता है। दरअसल शाहिद अफरीदी की गेंद पर गौतम गंभीर सिंगल के लिए दौड़ रहे थे। दोनों की टक्कर हुई और गंभीर को लगा कि अफरीदी ने जानबूझकर ऐसा किया है। उसके बाद गंभीर और अफरीदी के बीच जबरदस्त बहसबाजी हुई। कहते तो यहां तक हैं कि दोनों के बीच जमकर गाली-गलौज हुआ था। 

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