कोलंबो: वापसी कर रहे सलामी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के जुझारू शतक की बदौलत भारत ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन चाय तक सात विकेट पर 220 रन बनाकर अपनी स्थिति में कुछ सुधार किया। मुरली विजय के चोटिल होने के कारण श्रृंखला में पहली बार खेल रहे पुजारा 219 गेंद में नौ चौकों की मदद से 101 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं। पुजारा का 28वें मैच में यह सातवां टेस्ट शतक है।
चाय के विश्राम के समय अमित मिश्रा 24 रन बनाकर उनका साथ निभा रहे थे। दोनों सातवें विकेट के लिए अब तक 40 रन की साझेदारी कर चुके हैं।
पुजारा ने धैर्य और अनुशासन के साथ बल्लेबाजी है। दूसरे छोर पर हालांकि नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे।
लंच के बाद पहली ही गेंद पर धम्मिका प्रसाद :65 रन पर चार विकेट: ने स्टुअर्ट बिन्नी को पगबाधा आउट कर दिया जिससे भारत का स्कोर पांच विकेट पर 119 रन हो गया।
पदार्पण कर रहे नमन ओझा :54 गेंद में 21 रन, तीन चौके: ने इसके बाद पुजारा के साथ मिलकर पारी को कुछ स्थिरता दी। दोनों ने छठे विकेट के लिए तेजी से 54 रन जोड़े।
ये दोनों नियंत्रण में दिखे। दोनों ने स्पिनरों के खिलाफ रन बटोरे जबकि तेज गेंदबाजों का भी आसानी से सामना किया। ओझा हालांकि थारिंडु कौशल की गेंद पर खराब शाट खेलकर पवेलियन लौट गए।
रविचंद्रन अश्विन :05: एक बार फिर बल्ले से नाकाम रहे और प्रसाद का चौथा शिकार बने। मिश्रा ने इसके बाद पुजारा का अच्छा साथ निभाया। दोनों ने 70वें ओवर में टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया। पुजारा ने इसके बाद रंगना हेराथ की गेंद पर एक रन के साथ 214 गेंद में शतक पूरा किया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दिसंबर 2013 में जोहानिसबर्ग में 153 रन की पारी खेलने के बाद पुजारा का यह पहला शतक है। इस बीच यह बल्लेबाज 22 पारियों में शतक जड़ने में नाकाम रहा।