नई दिल्ली: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क को लगता है कि भारत को पुणे की तुलना में बेंगलुरू में हराना काफी मुश्किल होगा क्योंकि पुणे में टॉस जीतना स्टीव स्मिथ के खिलाड़ियों के पक्ष में रहा था। क्लार्क के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के लिए भारत को पुणे की तुलना में बेंगलुरू में हराना काफी कठिन होगा।
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क्लार्क ने कहा कि यदि भारत टॉस जीत गया होता और पुणे में उसने बल्लेबाजी की होती तो मुझे नहीं लगता कि परिणाम यही हुआ होता। पूर्व कप्तान का मानना है कि भारत में पहली पारी का स्कोर काफी अहम होता है। उन्होंने कहा कि यदि आप पहली पारी में 450 रन या इससे ज्यादा का स्कोर बनाते हैं तो यह मायने नहीं रखता कि टॉस किसने जीता।
क्लार्क ने कहा कि बेंगलुरू में विकेट अंतिम 2 दिन में बिगड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में ऐसा लगता है कि मैच पहले 3 दिन काफी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और फिर अंतिम 2 दिन में यह खराब होना शुरू होता है। उन्होंने कहा कि गेंद अलग-अलग तरह के उछाल और तेजी से ज्यादा स्पिन होना शुरू हो जाती है और इससे बल्लेबाजों को परेशानी होनी शुरू हो जाती है।