नयी दिल्ली: पहले टी-20 और फ़िर वनडे सीरीज़ में हारने के बाद अब टीम इंडिया के सामने है टेस्ट सीरीज़,यानी क्रिकेटर्स की असली परीक्षा। वैसे टी-20 और वनडे क्रिकेट से टेस्ट एकदम अलग होता है और कल से शुरु हो रही टेस्ट सीरीज़ को इसी संदर्भ में देखना चाहिए।
लेकिन सच्चाई यह भी है कि क्रिकेट के दीवाने इस देश में दीवानगी और जुनून के आगे तर्क-वितर्क धरे के धरे रह जाते हैं। कटक वनडे का हंगामा इस बात की ताजा उदाहारण भी पेश करता है।
मोहाली : इस बार तेज नहीं सूखे विकेट पर बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा
बहरहाल अब तक मिल रहे संकेतों से तो यही लग रहा है कि मोहाली का विकेट, जो हरा-भरा और तेज़ माना जाता है, एकदम सूखा दिखाई पड़ रहा है, जिसका मतलब ये हुआ कि ये तेज़ गेंदबाज़ों के लिए जहां कब्रगाह साबित हो सकता है। वहीं स्पिनरों के लिए ऐशगाह बन सकता है। डू प्लेसिस मोहाली के विकेट को देखकर कुछ इसी तरह की चिंता भी व्यक्त कर चुके हैं।
साउथ अफ़्रीका ने 2006 के बाद से विदेशी ज़मीं पर कोई टेस्ट सीरीज़ नहीं हारी है और जबरदस्त प्रदर्शन की बदौलत ही टेस्ट की नंबर एक टीम बनीं है। लेकिन अगर कप्तान कोहली तीन स्पिनरों के साथ उतरते हैं तो हो सकता है मोहाली में पलड़ा टीम इंडिया की तरफ झुक जाए।
हाशिम अमला का फार्म में न होना विराट के लिए राहत की बात
हाशिम आमला को स्पिन का अच्छा बल्लेबाज़ माना जाता है लेकिन अब तक उनका फ़ॉर्म उनसे रुठा हुआ है और ज़ाहिर है तनाव और दबाव में अच्छे से अच्छा खिलाड़ी भी अपना नैसर्गिक खेल नहीं खेल पाता। टीम इंडिया के लिए ये राहत की बात हो सकती है।
अश्विन बनाम डिविलियर्स की रोचक जंग
अश्विन की वापसी हो चुकी है और ज़ाहिर है उनके निशाने पर डिविलियर्स होंगे जिन्हें वह अक़्सर अपना शिकार बना लेते हैं। इस खतरनाक बल्लेबाज़ को अगर अश्विन ने साध लिया तो टीम इंडिया की नैया आधी तो पार समझो।
स्पिन लेती पिच पर आसान नहीं बल्लेबाजी
ड्यूमनी भी चोट से उबर कर वापस आ गए हैं लेकिन उनका खेलना संदिग्ध है। वैसे उनका खेल शॉट के इर्द-गिर्द घूमता है लेकिन घुमावदार विकेट पर शॉट खेलना और वो भी लगातार खेलना आसान नहीं होगा।
क्या गेंदबाज़ डू प्लेसिस को बड़ा स्कोर बनाने से रोक पाएंगे
डू प्लेसिस ऐसे बल्लेबाज़ हैं जो आहिस्ता आहिस्ता पारी संवारते हैं और फिर एक लंबा स्कोर खड़ा कर देते हैं। उन पर लग़ाम लगाना टीम इंडिया के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
पिछले दो साल में टीम इंडिया को घर पर टेस्ट सीरीज़ खेलना का बहुत कम मौक़ा मिला है। पिछली 17 सीरीज़ में भारत सिर्फ एक सीरीज़ हारी है।