धर्मशाला: रांची टेस्ट में भारत के स्टार बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा ने कप्तान विराट कोहली की पत्रकारों के प्रति रवैये को लेकर डोनाल्ड ट्रंप से तुलना करने के लिये आस्ट्रेलियाई मीडिया की कड़ी आलोचना की और कहा कि क्रिकेट उपलब्धियों के बजाय बेकार टिप्पणियों से सुर्खियां में आ रहा है जो दुखद है।
ग़ौरलब है कि मौजूदा टेस्ट सिरीज़ में पुजारा का तीसरे टेस्ट मैच में ऐतिहासिक दोहरा शतक, स्मिथ की पुणे और रांची में संघर्षपूर्ण पारियां, बेंगलुरू में लियोन और अश्विन के जादुई स्पैल जैसी उपलब्धियां तो पीछे चली गईं लेकिन नोंकझोंक और DRS विवाद सुर्ख़ियों में आ गए हैं।
पुजारा ने कहा कि इस तरह के टिप्पणियां दरअसल दुखद हैं। हम पूरी तरह से विराट के साथ हैं और वह इस खेल के महान दूतों में से एक है। मुझे लगता है कि कहीं खेल से ध्यान बंटा दिया गया जो कि नहीं होना चाहिए था। हमारा पूरा ध्यान खेल पर है।
उन्होंने कोहली के संदर्भ में कहा, वह बेहतरीन कप्तान है और इसलिए हम पूरी तरह से उसके साथ हैं। हम अन्य चीजों के बारे में चिंता करने के बजाय अपना पूरा ध्यान अगले मैच पर लगा रहे हैं।
वर्तमान सिरीज़ में दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है लेकिन खेल से इतर की घटनाएं और बयान काफी चर्चा में रहे हैं। इसकी शुरूआत तब हुई थी जब कोहली ने स्टीव स्मिथ पर डीआरएस मामले में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया और आस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा कि उन्होंने ग़लती से ऐसा किया।
इसके बाद आस्ट्रेलियाई मीडिया कोहली के पीछे पड़ गया और उसने उन्हें शेषनाग और क्रिकेट का डोनाल्ड ट्रंप की संज्ञा दे डाली। यही नहीं क्रिकेट आस्ट्रेलिया के सीईओ जेम्स सदरलैंड भी पीछे नहीं रहे जिन्होंने भारतीय कप्तान के बारे में कहा कि शायद वह सॉरी की स्पेलिंग नहीं जानते।