1. Hindi News
  2. झारखण्ड
  3. ब्रेन मलेरिया का बढ़ता प्रकोप, पोटका में चार दिनों में 2 बहनों की मौत; 29 नए मरीज मिले

ब्रेन मलेरिया का बढ़ता प्रकोप, पोटका में चार दिनों में 2 बहनों की मौत; 29 नए मरीज मिले

 Published : Jun 29, 2026 08:43 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 08:43 pm IST

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले का पोटका अब ब्रेन मलेरिया का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बन चुका है। सिर्फ पोटका में ही मरीजों की संख्या 40 के करीब पहुंच गई है।

पोटका में कई इलाकों...- India TV Hindi
पोटका में कई इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया। Image Source : REPORTER INPUT

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। चार दिनों के भीतर एक ही परिवार की दो मासूम बहनों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, तीसरी बेटी भी ब्रेन मलेरिया से संक्रमित है और उसका इलाज जारी है। लगातार सामने आ रहे नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

2 बेटियों को खोया, तीसरी भी बीमारी की चपेट में

पोटका प्रखंड के हरिणा पंचायत अंतर्गत कंदर गांव निवासी महावीर सरदार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सोमवार सुबह उनकी एक वर्षीय बेटी खुशबू सरदार ने एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे चार दिन पहले उनकी 8 वर्षीय बड़ी बेटी सुबोला सरदार की भी ब्रेन मलेरिया से मौत हो चुकी थी। परिवार की तीसरी बेटी भी इसी बीमारी की चपेट में है और उसका इलाज चल रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने इलाज और अंतिम संस्कार दोनों की चुनौती खड़ी हो गई है।

अब तक चार लोगों की गई जान

इधर, पोटका में ब्रेन मलेरिया से एक और मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार प्रखंड में अब तक इस बीमारी से चार लोगों की जान जा चुकी है। एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राठौड़ ने बताया कि गंभीर मरीजों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव
Image Source : REPORTER INPUTब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव

29 नए मरीज मिलने से हड़कंप

स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को पोटका के सात स्थानों पर विशेष जांच शिविर आयोजित किए। इस दौरान 465 लोगों की जांच की गई, जिसमें 29 नए ब्रेन मलेरिया के मरीज मिले। सभी संक्रमितों को दवा उपलब्ध कराकर उपचार शुरू कर दिया गया है। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी गई है।

पोटका के विधायक संजीव सरदार भी प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने निजी स्तर पर कई इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावित क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त संख्या में मच्छरदानियों का वितरण नहीं किया गया है।

पोटका ब्रेन मलेरिया का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पोटका अब जिले में ब्रेन मलेरिया का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बन चुका है। यहां मरीजों की संख्या 40 के करीब पहुंच गई है, जबकि पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में 66 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पोटका के अलावा गुड़ाबांधा, परसुडीह, राजनगर और चांडिल में भी मरीज मिले हैं। लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग निगरानी, जांच और उपचार अभियान को और तेज करने की तैयारी में जुटा है।

(रिपोर्ट- गंगाधर पांडे)

यह भी पढ़ें-

मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार के लक्षणों में क्या अतंर होता है?

मलेरिया कितने दिनों में ठीक होने वाली बीमारी है?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। झारखण्ड से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।