मलेरिया एक गंभीर बीमारी है। मलेरिया बीमारी संक्रमित मादा एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता है। इसमें प्लेटलेट्स काफी तेजी से गिरता है और जब यह बीमारी किडनी में फैल जाती है तो मौत की संभावना बढ़ जाती है। मलेरिया को अलग असलग नामों से भी जाना जाता है जैसे दुर्वात। यह प्रोटोज़ोआ परजीवी द्वारा फैलने वाला वाहक-जनित संक्रामक रोग है। विशेष रूप से अमेरिका, एशिया और अफ्रीका में मौजूद है। इसका समय रहता इलाज कराने से जल्दी ठीक हो सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मलेरिया ठीक होने में कितने दिनों का वक्त लगता है। चलिए जानते हैं।
मलेरिया के विभिन्न प्रकार
प्लाज्मोडियम वाइवैक्स: यह सबसे आम है, लेकिन आमतौर पर कम घातक होता है।
प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम: यह सबसे खतरनाक प्रकार है। यदि इसका सही समय पर इलाज न किया जाए, तो यह दिमागी बुखार या मौत का कारण बन सकता है।
मलेरिया के लक्षण
- बुख़ार
- ठंड लगना
- दस्त
- बेचैनी
- सिरदर्द
- उल्टी
- पेट दर्द
- मांसपेशियो का दर्द
- जोड़ों का दर्द
- कम प्लेटलेट काउंट
- सांस तेजी से लेना
- तेज गति दिल की
- खांसी होना
- अस्वस्थता
- शरीर में दर्द
- एनीमिया
- थकान
बुखार और लक्षणों में राहत
मलेरिया बीमारी का पता चलने के बाद अगर सही दवा चलाई जाए तो ज्यादातर मामलों में बुखार 2 से 3 दिनों के भीतर उतरना शुरू हो जाता है। उचित इलाज के साथ शरीर से परजीवी लगभग खत्म हो जाते हैं और व्यक्ति सामान्य महसूस करने लगता है।
दवाओं का कोर्स
साधारण मलेरिया की दवाओं का कोर्स आमतौर पर 3 से 5 दिन का होता है, लेकिन परजीवी को पूरी तरह खत्म करने और बीमारी को दोबारा होने से रोकने के लिए डॉक्टर 14 दिनों तक दवा लेने की सलाह देते हैं। गंभीर मलेरिया होने पर इसकी दवाओं का कोर्स भी 3 से 7 दिन तक चल सकता है, लेकिन अगर स्थिति गंभीर हो, तो अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है। यदि इलाज में देरी होती है, तो संक्रमण शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है, जिससे ठीक होने में हफ्तों लग सकते हैं। वहीं बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को ठीक होने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। मलेरिया रेड ब्लड सेल्स को नष्ट कर देता है। ऐसे में बुखार ठीक होने के बाद भी कमजोरी और खून की कमी को पूरा करने में 2 से 4 हफ्ते का समय लग सकता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)