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HDFC बैंक ने पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को सौंपी चेयरमैन की कुर्सी, अगले 3 साल तक संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jun 29, 2026 09:05 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 09:08 pm IST

HDFC बैंक ने पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने का फैसला किया है। हालांकि, यह नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), शेयरधारकों और अन्य नियामकीय मंजूरियों के बाद प्रभावी होगी।

HDFC बैंक के नए चेयरमैन- India TV Hindi
HDFC बैंक के नए चेयरमैन Image Source : ANI

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक ने अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। बैंक के बोर्ड ने उन्हें पार्ट-टाइम चेयरमैन और अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने का फैसला लिया है। हालांकि, यह नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद प्रभावी होगी। बैंक का मानना है कि राजीव कुमार का लंबा प्रशासनिक और वित्तीय अनुभव संस्थान की भविष्य की रणनीति को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

तीन साल तक संभालेंगे चेयरमैन की जिम्मेदारी

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने 29 जून को हुई बैठक में राजीव कुमार को चार साल के लिए अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने का प्रस्ताव मंजूर किया। वहीं, RBI की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें तीन साल के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाया जाएगा। बैंक ने इस फैसले के बाद अपनी 32वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) के नोटिस में भी जरूरी बदलाव किए हैं।

बैंकिंग सुधारों के बड़े चेहरों में शामिल हैं राजीव कुमार

राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं। उनके पास सार्वजनिक नीति, वित्तीय सुधार और प्रशासन का चार दशक से अधिक का अनुभव है। वर्ष 2017 से 2020 के बीच उन्होंने वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण, विलय और बैंकिंग व्यवस्था में कई बड़े सुधारों का नेतृत्व किया।

कई अहम फैसलों में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका

राजीव कुमार ने विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कराने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग टेक्नोलॉजी, डिपॉजिट प्रोटेक्शन और वित्तीय स्थिरता से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुधारों को आगे बढ़ाया। माना जाता है कि उनके कार्यकाल में सरकारी बैंकिंग व्यवस्था को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए।

HDFC बैंक को क्या होगा फायदा?

राजीव कुमार का व्यापक अनुभव HDFC बैंक के कॉरपोरेट गवर्नेंस, नियामकीय अनुपालन और दीर्घकालिक रणनीति को और मजबूत करेगा। सार्वजनिक नीति और बैंकिंग सुधारों की गहरी समझ के कारण वे बैंक के विकास और भविष्य की योजनाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनके नेतृत्व से निवेशकों और ग्राहकों का भरोसा भी और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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