कानपुर: कल तक यह चर्चा थी कि जब तक महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में एकदिवसीय टीम की कमान है, अजिंक्य रहाणे का अंतिम एकादश में जगह पाना मुश्किल की नहीं नामुमकिन है लेकिन रविवार को ग्रीन पार्क में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ पहले एकदिवसीय मैच के लिए धोनी ने रहाणे को टीम में शामिल कर जहां सबको चौंका दिया वहीं रहाणे ने अपनी बल्लेबाज़ी से धोनी सहित अपने आलोचकों के मुंह बंद कर दिए।
कानपुर वनडे में पहला विकेट गिरने के बाद रहाणे ने रोहित शर्मा के साथ मिलकर दूसरे विकेट की साझेदारी में 148 रन जोड़े और खुद भी ने भी 60 रन बनाए।
धोनी ने टी20 के दोनों मैचों में रहाणे की जगह अंबाती रायडू को तवज्जो दी थी जो दोनो ही बार फ़्लॉप हो गए थे।
धोनी ने मैच पूर्व संवादादाता सम्मेलन में शनिवार को इस बात के पुख्ता संकेत दिए थे कि मौजूदा हालात में रहाणे को टीम में फिट करना मुश्किल है लेकिन रविवार को जब टीम की घोषणा हुई तब रहाणे चौथे नम्बर पर नजर आए। इससे कप्तान के रूप में धौनी की नई सोच का पता चला।
मीडिया ने बीते कुछ समय से इस बात को पुरजोर तरीके से उठाया था कि रहाणे जैसे तीन फारमेट के सफल खिलाड़ी को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिल पाना हैरानी की बात है। धौनी ने एक दिन पहले तक रहाणे को टीम में शामिल करने को लेकर असमर्थता जताई थी लेकिन अचानक ही सबकुछ बदल गया।
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