टीम इंडिया इस समय इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफ़ी में हिस्सा लेने गई हुई है और उसका पहला मैच 4 जून को पाकिस्तान से है। ज़ाहिर है सब लोग इस मैच का बेताबी से इंतज़ार कर रहे हैं लेकिन इस बीच एक ऐसी ख़बर आ गई कि जिसने सुर्ख़िया बटोरनी शुरु कर दी।
दरअसल इंग्लैंड पहुंचते ही कोहली-कुंबले विवाद उठ खड़ा हुआ। बताया जाता है कि कोहली कुंबले के रवैया से ख़ुश नहीं हैं और वह उन्हें अब कोच के रुप में चाहते भी नहीं है।
लंदन में पहली प्रेस कॉंफ़्रेंस में जब कोहली से कोच पद के लिए आवेदन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बड़े आराम से कहा, ''मुझे इसमें कुछ भी नया नज़र नहीं आया, पहले भी ऐसा होता रहा है।''
फिर जब उनसे टीम इंडिया की सफलता में कुंबले की भूमिका के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तपाक से कहा, ''किसी एक का नही टीम के हर हिस्से का योगदान होता है।''
हालंकि अभी तक विवाद में शामिल लोगों ने खुलकर कुछ भी नहीं बोला है लेकिन मीडिया में ''सूत्रों'' के हवाले से खबरें लगातार छप रही हैं।
''कुंबले रौब दिखाते हैं''
अंग्रेज़ी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार कोहली ने BCCI को एक मैसेज किया था जिसमें कुंबले के बारे में उन्होंने कहा, ''वह रौब दिखाते हैं।''
इसी अखबार ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि अकेल कप्तान कोहली ही कुंबले से नाराज़ नहीं है। कुछ महीने पहले एक बॉलर बेंगलौर में रेस्ट, ताज़ादम होने और फ़िटनेस के लिए आया था। उससे कहा गया कि उसे टेस्ट मैच फ़िट होने के लिए घंटों बॉलिंग करनी पड़ेगी। उसकी इसमें बहुत दिलचस्पी नहीं थी लेकिन उससे कहा गया कि उसके पास और कोई विकल्प भी नहीं है।
ख़बर में ड्रेसिंगरुम की एक घटना का भी ज़िक्र है जहां कुंबले की बात से माहौल तनावपूर्ण हो गया था। ''एक बल्लेबाज़ घायल था और खेलना नहीं चाहता था लेकिन कुंबले ने उससे कहा कि तगड़े बनो और खेलो।"
चोट की वजब कुंबले है?
कोहली ने इंग्लैंड रवाना होने के पहले कुंबले के मामले में अपनी राय साफ साफ रख दी थी। ये राय उन्होंने BCCI की प्रशासक समिति के सामने रखी थी।
माना जाता है कि कोहली ने सौरभ गांगुली से बात की थी जो उस समिति के सदस्य हैं जिसके अगला कोच नियुक्त करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुंबले के ''हेडमास्टरी'' वाले रवैये की वजह से कुछ खिलाड़ी चोट खा बैठे। BCCI के एक सूत्र के अनुसार कुंबले ज़रुरत से ज़्यादा मेहनत करवाते हैं जिससे खिलाड़ी चोटिल हो जाते हैं। इसालिये टीम ख़ुश नहीं है।
कुलदीप का चयन
द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ''लोगों का मानना है कि कोहली और कुंबले दोनो का ही सशक्त व्यक्तित्व है और दोनों में भिड़ंत कभी भी हो सकती थी।''
रिपोर्ट में ये दावा किया गया कि कोहली और कुंबले में स्पिनर कुलदीप यादव के चयन को लेकर मतभेद गहरा गये थे। कुंबले यादव को रांची में तीसरे टेस्ट में खिलाना चाहते थे लेकिन कोहली ने मना कर दिया था। बाद में कुलदीप को धर्मशाला में चौथे टेस्ट में खिलाया गया।
कुंबले ने लीक की बातचीत
डीएनए की एक ख़बर के मुताबिक कुंबले ने टीम के सीनियर खिलाड़ियों के साथ अपनी बातचीत को ''मीडिया के कुछ चुने हुए दोस्तों'' में लीक की।
BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, " हमें बताया गया है कि कुंबले ने मीडिया के अपने कुछ भरोसेमंद दोस्तों का एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया है और उनके और सीनियर खिलाड़ियों के बीच गोपनीय बातचीत को यहां लीक किया गया।''
क्रिकेटर्स को बोलने की इजाज़त नही
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार टीम को बोलने की इजाज़त नही है। कुंबले समय की पाबंदी जैसे कुछ नियम सख़्ती से लागू करवाते हैं जो कोहली और उनके कुछ लोगों को पसंद नही।
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ के बाद कुंबले कंडीशनिंग कैंप लगाना चाहते थे क्योंकि टीम 15 दिन तक आराम कर चुकी थी लेकिन कोहली ने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया। उनका कहना था कि टीम का वैसे ही बिज़ी कार्यक्रम है और उसे वनेड और टी20 सिरीज़ के लिए कंडीशनिंग कैंप की ज़रुरत नही है।