मुंबई: युवा भारतीय बल्लेबाज लोकेश राहुल का कहना है कि आईपीएल टीम रायल चैलेंजर्स बेंगलोर की ओर से खेलते हुए उन्होंने विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे क्रिकेटरों से जो सबक सीखा उसने उन्हें बेहतर क्रिकेटर बनाया और वह शनिवार से शुरू हो रहे जिंबाब्वे दौरे पर इसकी झलक दिखाना चाहेंगे।
भारतीय टीम के जिंबाब्वे दौरे पर रवाना होने से पूर्व राहुल ने ओपन मीडिया सत्र के दौरान संवाददाताओं से कहा, मैंने विराट और एबी के साथ समय बिताया और उनसे सवाल पूछे कि उन्हें क्या लगता है कि मुझे अपने क्रिकेट में सुधार और छोटे प्रारूप में सफल होने के लिए क्या करना चाहिए। उनके विचारों और जवाबों से मुझे अपनी बल्लेबाजी में सुधार में मदद मिली।
चौबीस साल के राहुल उन भारतीय खिलाडि़यों में शामिल हैं जिन्होंने हाल में संपन्न आईपीएल के नौवें टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया। भारत को 11 से 22 जून तक जिंबाब्वे दौरे पर तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलने हैं। आगामी टेस्ट सत्र के बारे में पूछने पर राहुल ने कहा, टेस्ट मैचों को लेकर चिंतित नहीं हूं। यह भारतीय टीम के साथ मेरी पहली वनडे सिरीज़ है इसलिए मेरा ध्यान वहां अच्छे प्रदर्शन पर है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि जिंबाब्वे के विकेट कैसे हैं लेकिन निश्चित तौर पर सलामी बल्लेबाज़ के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा और यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं लुत्फ उठाउं और टीम को मजबूत शुरूआत दूं।
विकेटकीपर की भूमिका पर राहुल ने स्वीकार किया कि इसमें सुधार की जरूरत है और वह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ इस पहलू पर काम करना चाहेंगे।
टीम में शामिल 24 साल के एक अन्य बल्लेबाज मनदीप सिंह ने भी कहा कि जिंबाब्वे दौरा युवा खिलाडि़यों के लिए महत्वपूर्ण मौका है। उन्होंने कहा, यह हम सभी के लिए बड़ा मौका है और मेरा लक्ष्य अच्छा प्रदर्शन करना और टीम में जगह बनाना है। मैं आश्वस्त हूं क्योंकि पिछले दो से तीन साल में मैंने छोटे प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन किया है। मनदीप ने कहा, मैं भारतीय जर्सी पहनने को लेकर रोमांचित हूं। मैं परवाह नहीं करता विरोधी कौन है। मैंने एनसीए में काफी शिविर में हिस्सा लिया है जहां सिखाया जाता है कि प्रत्येक मैच को एक जैसा समझें और नतीजे के बारे में नहीं सोचें।