मुंबई: पूर्व भारतीय विकेटकीपर सैयद किरमानी को भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए कर्नल सीके नायुडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया जबकि टेस्ट कप्तान विराट कोहली को बीसीसीआई के वार्षिक पुरस्कारों के दौरान यहां साल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर के लिए पाली उमरीगर ट्राफी दी गई। वर्ष 1983 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे 66 साल के किरमानी को क्रिकेट बोर्ड के वार्षिक पुरस्कार समारोह :2014-15 सत्र: में बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर ने पुरस्कार दिया। मनोहर ने ही कोहली को भी पाली उमरीगर ट्राफी सौंपी।
किरमानी को प्रशस्ति पत्र, ट्राफी और 25 लाख रूपये दिए गए। उनसे जब मौजूदा और उनके समय के विकेटकीपरों की तुलना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने आधुनिक विकेटकीपरों पर कुछ तंज भी कसा। किरमानी ने कहा, आज कल विकेटकीपिंग तकनीक के बारे मंे नहीं नतीजा देने के बारे में सोचा जाता है। धोनी ऐसा करने में सफल रहे हैं। अच्छा काम किया धोनी। इस दौरान धेनी भी समारोह में मौजूद थे। किरमानी ने कहा, मुझे गर्व है कि मैंने तीन महान स्पिनरों इरापल्ली प्रसन्ना, बीएस चंद्रशेखर और बिशन बेदी के सामने विकेटकीपिंग की। कोहली ने कहा कि उनके करियर का सबसे बड़ा मौका अब तक आस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला में आया जिसे भारत ने भले ही 0-2 से गंवा दिया लेकिन इससे पहले मेजबान टीम को कड़ी टक्कर दी। कोहली ने कहा, नये साल की अच्छी शुरूआत करना महत्वपूर्ण था और हम आस्ट्रेलिया में ऐसा कर पाए। मैं पूरी टीम को बधाई देता हूं। यह मेरे अब तक के करियर का महानतम मौका था और संभवत: रहेगा।
एडिलेड में लक्ष्य का पीछा करते हुए मामूली अंतर से चूकने पर कोहली ने कहा, उस दिन मेरे दिमाग में सिर्फ 367 रन का लक्ष्य था। इसके बाद हुए विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 107 रन की पारी के संदर्भ में कोहली ने कहा कि मैच वाले दिन सुबह जब वह जागे तो होटल और स्टेडियम के बीच पुल पर वाद्ययंत्रों और झंडों के साथ लगभग तीन हजार लोग खड़े थे। किरमानी ने भारत की ओर से 49 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और जिंबाब्वे के खिलाफ विश्व कप के करो या मरो के मुकाबले में कप्तान कपिल देव के साथ उस समय शतकीय साझेदारी की जब टीम 17 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी। किरमानी क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद मुख्य चयनकर्ता और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के उपाध्यक्ष भी बने। पुरस्कारों के दौरान कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ को 2014-15 में रणजी ट्राफी, ईरानी कप और विजय हजारे ट्राफी जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य संघ भी चुना गया।