IND vs NZ 3rd ODI: भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ चीन मैन की वनडे सीरीज में 0-1 से पीछे है। भारत को ये शिकस्त वेलिंगटन में हुए सीरीज के पहले मैच में मिली। हैमिल्टन में दूसरा मैच बारिश के चलते बेनतीजा खत्म हुआ। अब बारी तीसरे मैच की है जो क्राइस्टचर्च के हेग्ली ओवल मैदान में खेला जाएगा। क्रिकेट आंकड़ों का खेल है और अगर इसपर गौर करें तो बुधवार को होने वाले सीरीज के आखिरी वनडे से पहले टीम इंडिया के सामने परेशानी कम होने की जगह बढ़ती नजर आ रही है। तीसरे मैच में मेजबान टीम कप्तान केन विलियमसन की अगुवाई में शिखर धवन एंड कंपनी का क्लीन स्वीप करने के मजबूत इरादे से मैदान में उतरेगी।

भारतीय टीम के लिए पहली बुरी खबर यह कि उसने क्राइस्टचर्च के इस मैदान पर अब तक कोई वनडे मैच नहीं खेला है। यानी बुधवार को जब टीम इंडिया के खिलाड़ी इस फील्ड पर उतरेंगे तो वे इसके नेचर से काफी हद तक अनजान होंगे। बेशक टीम मैनेजमेंट इस मैदान पर न्यूजीलैंड के द्वारा खेले गए मुकाबलों के वीडियो देखकर रणनीति बनाने की कोशिश कर रहा होगा। लेकिन हेग्ली ओवल में कीवी टीम को खेलते हुए वीडियो में देखना भारतीय खिलाड़ियों में एक फीयर फैक्टर तैयार कर सकता है।

न्यूजीलैंड की टीम ने हेग्ली ओवल में अब तक 11 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसमें उसके जीत हार का रिकॉर्ड 10-1 का है। यानी मेजबानों ने इस मैदान में 10 वनडे मैचों में जीत दर्ज की है और सिर्फ 1 में उसे हार मिली है। ये आंकड़े किसी भी विरोधी टीम के लिए दहशत पैदा करने वाली है।

अगर टीम इंडिया के कप्तान शिखर धवन जारी वनडे सीरीज में लगातार तीसरी बार टॉस गंवाते हैं तो उन्होंने एकबार फिर से पहले बल्लेबाजी के लिए आना होगा। अगर भारत को जीत दर्ज करके सीरीज में बराबरी हासिल करनी है तो इस बार एक बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या टीम इंडिया के मौजूदा लाइन अप में क्या इतनी आतिशी बल्लेबाजी करने का माद्दा और फायर पावर है?

भारत की तरह न्यूजीलैंड भी इस सीरीज से 2023 ओडीआई वर्ल्ड कप भी अपनी तैयारियों का आगाज कर चुका है। कीवी फिलहाल रैंकिंग में नंबर 1 हैं। सुपर लीग टेबल में भी उनकी स्थिति मजबूत है और उन्हें वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने को लेकर कोई चिंता नहीं है। न्यूजीलैंड ने 2019 से अपने घर में कोई सीरीज नहीं गंवाई है, जब भारत ने उसे 4-1 से हराया था।
तस्वीर साफ है। क्राइस्टचर्च के इस मैदान पर भारतीय टीम का कहीं ज्यादा मुश्किल लिटमस टेस्ट होगा। इसमें पास होने के लिए टीम के खिलाड़ियों को दोगुना जोर लगाना होगा, एक पॉजिटिव माइंडसेट और पूरी एनर्जी के साथ।
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