IND vs NZ: क्राइस्टचर्च में हुआ सीरीज का तीसरा और आखिरी वनडे मैच बारिश के कारण बेनतीजा खत्म हुआ। टीम इंडिया ने टी20 सीरीज में जो हाल न्यूजीलैंड का किया ठीक वही हाल भारत का वनडे सीरीज में हो गया। यानी न्यूजीलैंड ने हिसाब बराबर कर लिया। भारतीय टीम ने दौरे की शुरुआत में हुई टी20 सीरीज में मेजबानों को 1-0 से हराया था। इसके बाद हुई वनडे सीरीज में भारत को 0-1 की हार झेलनी पड़ी। इन दोनों सीरीज के फैसले पर बारिश का काफी बड़ा प्रभाव रहा। टीम इंडिया ने हार्दिक पंड्या की कप्तानी में टी20 सीरीज जीती तो शिखर धवन की कप्तानी में वनडे सीरीज को गंवा दिया। हालांकि हार तो पूरी टीम को मिली पर इसमें सबसे बड़ा नुकसान कप्तान धवन महसूस कर सकते हैं।

न्यूजीलैंड दौरे से पहले शिखर धवन की कप्तानी में भारतीय टीम को कभी हार नहीं मिली थी। धवन ने पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी 2021 में श्रीलंका के खिलाफ 3 मैच की वनडे सीरीज में की। टीम इंडिया ने इस सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया। इसी साल टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज दौरे पर शिखर की कप्तानी में 3 मैच की दूसरी वनडे सीरीज खेली। इस सीरीज में शिखऱ धवन एंड कंपनी ने कैरेबियाई टीम का 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया। साल 2022 में धवन ने अपनी कप्तानी में तीसरी वनडे सीरीज खेली। इस सीरीज में सामने साउथ अफ्रीका की मजबूत टीम थी जिसे उनकी टीम ने 2-1 से हराकर सीरीज जीत की हैट्रिक लगा दी। लब्बोलुबाब यह कि भारत को टीम के लकी चार्म बन चुके शिखर धवन की कप्तानी में पहली सीरीज हार का सामना न्यूजीलैंड के खिलाफ करना पड़ा।
कप्तान धवन ने मौजूदा सीरीज में लगातार तीसरी बार टॉस गंवाया और भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करना पड़ा। भारतीय बल्लेबाज इस मैच में पावरप्ले से सेलकर डेथ ओवर्स तक, लगातार संघर्ष करते रहे। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने सर्वाधिक 51 रन बनाए जबकि श्रेयस अय्यर 49 रन के साथ दूसरे हाइएस्ट स्कोरर रहे। इन दोनों के अलावा, धवन, शुभमन गिल, ऋषभ पंत जैसे तमाम धुरंधर नाकाम रहे। नतीजतन भारतीय टीम 47.3 ओवर में 219 रन बनाकर ऑल आउट हो गई।

कीवी बल्लेबाजों के सामने जीत के लिए 220 को छोटा लक्ष्य था। बारिश के कारण खेल के रुकने तक मेजबान टीम 18 ओवर में एक विकेट के मुकसान पर 104 रन बना चुकी थी। यानी वे जीत से सिर्फ 116 रन दूर थे और रनों की बरसात हो रही थी जब बारिश ने खलल डाला। न्यूजीलैंड ने जिस तरह से भारतीय टीम को सीरीज के पहले वनडे में 300 से ऊपर का स्कोर बनाने के बावजूद आसानी से 17 गेंदें शेष रहते हराया था, उसे संकेत मानें तो आखिरी मैच में भी उसकी जीत लगभग तय थी।
पहले वनडे में 145 रन की नाबाद मैच जिताऊ पारी खेलने वाले टॉम लैथम को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
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