भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेला गया पहले मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। इस मैच को ड्रॉ करवाने में रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर का योगदान काफी अहम रहा। बल्लेबाजों ने शानदार शतक लगाया और भारत को मैच हारने से बचाने में कामयाब रहे। इस मुकाबले के खत्म होने के बाद टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने दोनों बल्लेबाजों की जमकर तारीफ की है। साथ ही में उन्होंने बताया कि दोनों बल्लेबाजों ने बेन स्टोक्स से ड्रॉ के लिए हाथ क्यों नहीं मिलाया।
शुभमन गिल ने की बल्लेबाजों की तारीफ
मैच के बाद हुए प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शुभमन गिल ने कहा कि मैं बल्लेबाजों के प्रयास से बेहद खुश हूं। पिछले कुछ दिनों से हमारे ऊपर काफी दबाव था। पांचवें दिन के विकेट पर कुछ न कुछ होता है, हर गेंद पर कुछ न कुछ होने की उम्मीद रहती है। हम हर एक गेंद को खेलकर मैच को डीप ले जाना चाहते थे। इसी बारे में हमने बात की थी।
जडेजा और सुंदर ने नहीं मिलाया था बेन स्टोक्स से हाथ
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स 138वां ओवर खत्म होने के बाद जडेजा और सुंदर के पास मैच ड्रॉ के लिए हाथ मिलाने गए थे। दोनों ही बल्लेबाजों ने वहां हाथ मिलाने से इंकार कर दिया। इसको लेकर शुभमन गिल ने कहा कि हमें लगा कि जडेजा और सुंदर ने शानदार बल्लेबाजी की। वे दोनों शतक के हकदार थे। हर मैच आखिरी दिन आखिरी सेशन तक चलता है। हर टेस्ट में बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हर टेस्ट मैच आपको कुछ नया सिखाता है। एक टीम के तौर पर इसने हमें बहुत कुछ सिखाया है।
पहली पारी में भारत का एक भी बल्लेबाज शतकीय पारी नहीं खेल पाया था। इसको लेकर गिल ने कहा कि जब भी मैं बल्लेबाजी करता हूं, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और अपनी बल्लेबाजी का पूरा आनंद लेना चाहता हूं। पहली पारी में हमने अच्छा स्कोर बनाया। लेकिन वहां हमारे बल्लेबाजों को शुरुआत मिली लेकिन वह इसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए।
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